Mumbai-Vengurla Ro-Ro Service: मुंबई से वेंगुर्ला के बीच चलेगी रो-रो सेवा? कोकण का सफर सिर्फ 7-8 घंटे में पूरा करने की तैयारी
मुंबई से विजयदुर्ग रो-रो सेवा बंद होने के बाद महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) अब मुंबई से वेंगुर्ला के बीच नई रो-रो सेवा शुरू करने की योजना बना रहा है. इस सेवा से मुंबई से कोकण का सफर केवल 7 से 8 घंटे में पूरा हो सकेगा.
Mumbai-Vengurla Ro-Ro Service: मुंबई से कोकण जाने वाले यात्रियों के लिए समुद्री मार्ग से तेज और सुगम यात्रा का नया विकल्प तैयार किया जा रहा है. महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) ने मुंबई से वेंगुर्ला के बीच 'रो-रो' (Roll-On/Roll-Off) बोट सेवा शुरू करने की दिशा में प्रक्रिया तेज कर दी है. इस सेवा के शुरू होने से मुंबई से दक्षिण कोकण का सफर महज 7 से 8 घंटे में पूरा किया जा सकेगा.
यह कदम मुंबई-विजयदुर्ग रो-रो सेवा के असफल होने और तकनीकी खराबी के कारण बंद होने के बाद उठाया गया है. बोर्ड अब नई व्यवस्था के तहत कम किराए और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ इस परियोजना को लागू करने की योजना बना रहा है. यह भी पढ़े: कोंकण रेलवे की सौगात, गणपति उत्सव से पहले महाराष्ट्र के कोलाड-वेरना के बीच शुरू हुई पहली Ro-Ro कार ट्रेन सेवा; konkanrailway.com पर बुकिंग सहित जानें अन्य डिटेल्स
मुंबई-विजयदुर्ग सेवा क्यों हुई बंद?
कोकण के यात्रियों को ट्रैफिक जाम और लंबी ट्रेन-बस यात्रा से राहत देने के लिए 1 मार्च 2026 को मुंबई (भाऊचा धक्का) से विजयदुर्ग के बीच 'एम टू एम प्रिंसेस' रो-रो सेवा शुरू की गई थी. हालांकि, अत्यधिक टिकट दरों (यात्रियों के लिए 3,000 से 9,000 रुपये और चार पहिया वाहनों के लिए 6,000 से 9,000 रुपये) के कारण यात्रियों का रुख इसकी ओर नहीं रहा.
शुरुआती एक महीने में केवल 12 फेरियों के दौरान 894 यात्रियों और 154 वाहनों ने ही सफर किया. इसके बाद अप्रैल में समुद्र में बहते कचरे के कारण बोट के इंजन में खराबी आ गई. तकनीकी समस्याओं और आर्थिक नुकसान के चलते इस सेवा को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया.
मुंबई-वेंगुर्ला मार्ग की नई योजना और स्टॉपेज
विजयदुर्ग प्रयोग से सबक लेते हुए मैरीटाइम बोर्ड अब मुंबई से वेंगुर्ला मार्ग के लिए व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) कर रहा है.
-
प्रस्तावित स्टॉपेज: इस नए मार्ग में विजयदुर्ग और मालवण में भी स्टॉपेज देने का विचार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को इसका लाभ मिल सके.
-
कंपनियों की रुचि: इस रूट पर परिचालन के लिए चार निजी कंपनियों ने अपनी रुचि जताई है. निविदा प्रक्रिया (Tender Process) के जरिए योग्य ऑपरेटर का चयन किया जाएगा.
-
किराया नियंत्रण: एमएमबी के अनुसार, इस बार आम जनता के बजट को ध्यान में रखते हुए टिकट की दरें सस्ती और प्रतिस्पर्धी रखने का प्रयास किया जाएगा.
वेंगुर्ला जेट्टी का निर्माण कार्य जारी
प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए वेंगुर्ला बंदरगाह पर जेट्टी निर्माण का काम तेजी से चल रहा है, जिसका लगभग 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है.
अधिकारियों का अनुमान है कि अध्ययन, निविदा प्रक्रिया और जेट्टी का काम पूरा होने में लगभग एक वर्ष का समय लगेगा. यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो आगामी गणेशोत्सव तक मुंबईकर समुद्री मार्ग से 7 से 8 घंटे में सीधे वेंगुर्ला पहुंच सकेंगे.