Mumbai Real Estate News: मुंबई में प्रॉपर्टी की रिकॉर्ड बिक्री, 14 साल का टूटा रिकॉर्ड; स्टाम्प ड्यूटी से सरकार को ₹1,223 करोड़ की कमाई
मुंबई के रियल एस्टेट मार्केट में जुलाई 2026 में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन ने बीते 14 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. 13,617 से अधिक संपत्तियों के पंजीकरण से महाराष्ट्र सरकार को स्टाम्प ड्यूटी के रूप में ₹1,223 करोड़ का भारी राजस्व प्राप्त हुआ है.
Mumbai Real Estate News: मुंबई के रियल एस्टेट बाजार में आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों की खरीदारी लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है. रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक इंडिया (Knight Frank India) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) क्षेत्र के अंतर्गत कुल 13,617 प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए. यह आंकड़ा बीते 14 से अधिक वर्षों में जुलाई महीने में दर्ज की गई सबसे अधिक बिक्री को दर्शाता है.
स्टाम्प ड्यूटी से सरकार को ₹1,223 करोड़ की कमाई
संपत्तियों की बिक्री में आई इस तेजी से महाराष्ट्र सरकार के खजाने में भी भारी इजाफा हुआ है. जुलाई 2026 के दौरान राज्य के पंजीकरण और मुद्रांक विभाग को स्टाम्प ड्यूटी (Stamp Duty) के रूप में करीब ₹1,223 करोड़ प्राप्त होने का अनुमान है. यह राजस्व बीते वर्ष जुलाई 2025 में एकत्र हुए ₹1,123 करोड़ से 8.9 प्रतिशत अधिक है. यह भी पढ़े: सलमान खान ने बेचा मुंबई के बांद्रा वाला फ्लैट: 2015 में 2.88 करोड़ में खरीदा था, अब 3.50 करोड़ रुपये में हुई डील; जानें पूरी डिटेल
जून की तुलना में भी दर्ज की गई बढ़त
मासिक आधार पर (Month-on-Month) तुलना की जाए तो जून 2026 में 13,413 संपत्तियों का पंजीकरण हुआ था, जो जुलाई में 2 प्रतिशत बढ़कर 13,617 हो गया. हालांकि, राजस्व में और भी बड़ी बढ़त देखी गई. जून 2026 में स्टाम्प ड्यूटी से ₹1,086 करोड़ प्राप्त हुए थे, जो जुलाई में 13 प्रतिशत की क्रमिक वृद्धि के साथ ₹1,223 करोड़ पर पहुंच गए.
प्रीमियम और महंगे घरों की ओर बढ़ा खरीदारों का रुझान
नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल के अनुसार, लेनदेन की मात्रा में बढ़ोतरी के साथ-साथ राजस्व में हुई यह महत्वपूर्ण वृद्धि स्पष्ट करती है कि खरीदार अब उच्च-मूल्य वाली और प्रीमियम प्रॉपर्टीज की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं. स्वयं रहने के लिए घर खरीदने वाले (End-Users) ग्राहकों की मजबूत मांग, बेहतर होता इंफ्रास्ट्रक्चर और संपत्तियों के बढ़ते मूल्य ने बाजार की रफ्तार को बनाए रखा है