Mumbai Milk Price Hike: मुंबई में आज से महंगा हुआ तबेले का दूध, अब प्रति लीटर देने होंगे ₹9 अधिक
मुंबई में 1 सितंबर से तबेले के खुले दूध की कीमतों में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. मुंबई मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के इस फैसले के बाद थोक दरें 102 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई हैं. त्योहारों से ठीक पहले आम जनता पर महंगाई की मार पड़ी है.
Mumbai Milk Price Hike: सितंबर महीने की शुरुआत के साथ ही मुंबईवासियों पर महंगाई का बड़ा झटका लगा है. मुंबई और उसके आसपास के महानगरीय क्षेत्रों (MMR) में 1 सितंबर से तबेले के खुले दूध (भैंस के दूध) की कीमतों में 9 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी लागू कर दी गई है. इस फैसले के बाद तबेलों से मिलने वाले दूध का थोक (Wholesale) रेट 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
इस बढ़ोतरी के बाद आम उपभोक्ताओं के घर तक पहुंचने वाला दूध खुदरा बाजार (Retail Market) में 110 रुपये से 115 रुपये प्रति लीटर तक मिलने की संभावना है. मुंबई मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (BMPA) द्वारा तय की गई यह नई दरें अगले छह महीनों तक प्रभावी रहेंगी. यह भी पढ़े: Mumbai Milk Price Hike: मुंबई में 1 सितंबर से तबेला दूध होगा महंगा, प्रति लीटर 9 रुपये बढ़ेंगे दाम; जानें क्या है वजह
दूध की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के मुख्य कारण
बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (BMPA) और स्थानीय तबेला संचालकों ने इस वृद्धि के पीछे उत्पादन और रखरखाव की लागत में हुए भारी इजाफे को जिम्मेदार ठहराया है:
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पशु आहार की कीमतों में उछाल: पिछले एक वर्ष में दुधारू मवेशियों के चारे, तुवर चूनी, चना चूनी, अनाज और मक्के के दामों में करीब 25 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है.
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मवेशियों की खरीद लागत: अच्छी नस्ल की दुधारू भैंसों की खरीद लागत में 60 से 70 प्रतिशत तक का उछाल आया है, जिससे नया स्टॉक जोड़ना महंगा हो गया है.
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उत्पादन खर्च में वृद्धि: तबेला मालिकों के अनुसार, वर्तमान में एक लीटर शुद्ध दूध तैयार करने की लागत ही लगभग 98 रुपये बैठ रही है.
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परिवहन और श्रम लागत: ईंधन के दाम स्थिर रहने के बावजूद ट्रांसपोर्टेशन और तबेलों में काम करने वाले मजदूरों के वेतन में वृद्धि हुई है.
त्योहारों के सीजन में बढ़ेगा आम जनता का बजट
गणेशोत्सव, नवरात्रि और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों से ठीक पहले दूध महंगा होने से आम उपभोक्ताओं की रसोई के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा.
दूध की दरों में वृद्धि के कारण पनीर, मावा (खोया), दही और छेने से बनने वाली मिठाइयों के दाम बढ़ने तय माने जा रहे हैं. इसके अलावा, स्थानीय टी-स्टॉलों पर मिलने वाली 'कटिंग चाय' और कॉफी की कीमतों में भी 1 से 2 रुपये प्रति कप की बढ़ोतरी होने की आशंका है.
पैकेट बंद दूध की दरें फिलहाल यथावत
राहत की बात यह है कि दूध की कीमतों में हुई यह 9 रुपये की बढ़ोतरी केवल तबेलों से सप्लाई होने वाले खुले भैंस के दूध पर लागू हुई है.
अमूल (Amul), गोकुल (Gokul), मदर डेयरी (Mother Dairy) और गोवर्धन (Gowardhan) जैसी प्रमुख डेयरी कंपनियों के पैकेट बंद दूध की दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, खुले दूध की दरें बढ़ने के बाद ब्रांडेड पैकेट बंद दूध की मांग में बढ़ोतरी देखी जा सकती है.