Mumbai Auto Strike: मराठी भाषा अनिवार्य किए जाने के विरोध में मुंबई ऑटो चालकों की हड़ताल का आज दूसरा दिन, यात्रियों की बढ़ीं मुश्किलें

हड़ताल के कारण कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ. कांदिवली लिंक रोड पर ऑटो-रिक्शा चालकों के एक समूह द्वारा सड़क पर वाहन रोककर विरोध दर्ज कराने के कारण करीब 20 मिनट तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा, जिसे बाद में ट्रैफिक पुलिस ने सुचारू कराया.

(Photo Credits ANI)

Mumbai Auto Strike:  मराठी भाषा की अनिवार्यता और कड़े नियमों के विरोध में ऑटो-रिक्शा चालकों की तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को भी मुंबई के यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. बांद्रा, कांदिवली, गोवंडी, वाकोला, कुर्ला, अंधेरी और सांताक्रूज जैसे प्रमुख इलाकों में सड़कों से ऑटो गायब रहे. इस वजह से सुबह के समय कार्यालय जाने वाले लोगों और दैनिक यात्रियों को रेलवे स्टेशनों तथा कार्यस्थलों तक पहुँचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी.

सड़कों पर ट्रैफिक जाम और यात्रियों को रोकने के आरोप

हड़ताल के कारण कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ. कांदिवली लिंक रोड पर ऑटो-रिक्शा चालकों के एक समूह द्वारा सड़क पर वाहन रोककर विरोध दर्ज कराने के कारण करीब 20 मिनट तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा, जिसे बाद में ट्रैफिक पुलिस ने सुचारू कराया.  यह भी पढ़े:  Maharashtra RTO Marathi Rule: क्या मराठी न बोलने पर रद्द होंगे ऑटो और टैक्सी चालकों के लाइसेंस? परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने स्पष्ट किए नियम

मुंबई ऑटो चालक हड़ताल पर है

मुंबई ऑटो चालकों की हड़ताल का आज दूसरा दिन

इसके अलावा, कुछ स्थानों पर सवारी ले जा रहे चालकों को रोके जाने और धमकी दिए जाने के भी आरोप सामने आए हैं. गैर-मराठी भाषी चालकों ने कई जगहों पर एक साथ मिलकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया.

चालक यूनियनों की मांग: मिले 3 महीने की मोहलत

मुंबई ऑटोरिक्शा-टैक्सीमैन्स यूनियन के अध्यक्ष शशांक राव ने स्पष्ट किया है कि संगठन मराठी भाषा सीखने का विरोध नहीं कर रहा है, बल्कि इसके क्रियान्वयन के लिए उचित समय की मांग कर रहा है.

यूनियन ने राज्य सरकार से मांग की है कि चालकों को मराठी सीखने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए कम से कम 3 महीने का अतिरिक्त समय दिया जाए. साथ ही, इस परिवर्तन अवधि (Transition Period) के दौरान चालकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाई जाए.

2,700 से अधिक चालकों को नोटिस जारी

महाराष्ट्र परिवहन विभाग (RTO) की ओर से राज्यभर में प्रवर्तन अभियान तेजी से चलाया जा रहा है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार, व्यावहारिक मराठी ज्ञान की कमी के कारण 20 और 21 अगस्त को कुल 2,767 व्यावसायिक वाहन चालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं.

वहीं, महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा है कि सरकार चालकों को भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 1,65,600 गैर-मराठी भाषी ऑटो और टैक्सी चालक मराठी सीखने की कक्षाओं में भाग ले चुके हैं. मंत्री के अनुसार, कार्रवाई शुरू करने से पहले चालकों को कम से कम एक महीने का समय दिया जाना चाहिए.

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