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Mumbai Auto Rickshaw Strike: मुंबई में ऑटो-टैक्सी हड़ताल से बढ़ी यात्रियों की परेशानी, Ola-Uber-Rapido के किरायों में भारी उछाल; 100% तक बढ़ा सर्ज प्राइस

सामान्य दिनों में सुबह के व्यस्त घंटों में 10 किलोमीटर की दूरी के लिए जहां ऐप आधारित ऑटो का किराया करीब 250 से 300 रुपये होता है, वहीं मंगलवार को यह बढ़कर 450 रुपये के पार पहुंच गया.

Mumbai Auto Rickshaw Strike: मुंबई में ऑटो-टैक्सी हड़ताल से बढ़ी यात्रियों की परेशानी, Ola-Uber-Rapido के किरायों में भारी उछाल; 100% तक बढ़ा सर्ज प्राइस

Mumbai Auto Rickshaw Strike: महाराष्ट्र सरकार द्वारा कमर्शियल चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता और कड़े जांच अभियानों के विरोध में शुरू हुई तीन दिवसीय ऑटो-टैक्सी हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को मुंबईवासियों को चौतरफा मार झेलनी पड़ी. सड़कों से पारंपरिक काली-पीली टैक्सी और ऑटो गायब रहने के कारण ऐप आधारित कैब सेवाओं जैसे Ola, Uber और Rapido पर यात्रियों का दबाव बढ़ गया, जिसके चलते सर्ज प्राइसिंग (Surge Pricing) में अप्रत्याशित उछाल दर्ज किया गया. सुबह के पीक आवर्स के दौरान 10 किलोमीटर के सफर के लिए यात्रियों को सामान्य से लगभग दो गुना अधिक किराया चुकाना पड़ा.

सर्ज प्राइसिंग से बढ़ा जेब पर बोझ: प्रमुख रूटों के किराए

सामान्य दिनों में सुबह के व्यस्त घंटों में 10 किलोमीटर की दूरी के लिए जहां ऐप आधारित ऑटो का किराया करीब 250 से 300 रुपये होता है, वहीं मंगलवार को यह बढ़कर 450 रुपये के पार पहुंच गया. उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा स्वीकृत मीटर दर के अनुसार 10 किलोमीटर का आधिकारिक ऑटो किराया लगभग 172 रुपये होता है.

  • पवई से वर्सोवा (लगभग 15 किमी): सामान्यतः 350 रुपये में होने वाला यह सफर मंगलवार सुबह 8 से 11 बजे के बीच 589 रुपये तक पहुंच गया.

  • जुहू से बांद्रा (लगभग 7.5 किमी): इस दूरी के लिए यात्रियों को एप्स पर 350 से 430 रुपये तक चुकाने पड़े.

  • बोरीवली से चेंबूर (लगभग 28.5 किमी): लंबी दूरी के इस क्रॉस-सिटी रूट पर पीक टाइम में ऑटो किराया 600 रुपये से अधिक दर्ज किया गया.

बारिश और ऑटो की कमी से बढ़ीं यात्रियों की मुश्किलें

मानसून के मौसम में वैसे ही ऑटो और टैक्सी मिलना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन 21 अगस्त से शुरू हुई मराठी भाषा जांच प्रक्रिया के बाद से स्थिति और विकट हो गई है. विभिन्न इलाकों में यात्रियों को 40 से 50 मिनट तक इंतजार करना पड़ रहा है. सोमवार से शुरू हुई हड़ताल के कारण कांदिवली, अंधेरी, कुर्ला और बांद्रा जैसे उपनगरीय इलाकों में लोग रेलवे स्टेशनों और दफ्तरों तक पहुँचने के लिए परेशान दिखे.

1 सितंबर से आधिकारिक किराए भी होंगे महंगे

मौजूदा सर्ज प्राइसिंग का झटका ऐसे समय में लगा है जब मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण (MMRTA) ने पहले ही आधिकारिक ऑटो और टैक्सी किराए में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. 1 सितंबर 2026 से ऑटो-रिक्शा का न्यूनतम किराया (पहले 1.5 किमी के लिए) 26 रुपये से बढ़कर 27 रुपये और काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया 31 रुपये से बढ़कर 33 रुपये हो जाएगा. यह संशोधित दरें मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण और पालघर क्षेत्रों में लागू होंगी.

ड्राइवरों का विरोध और सरकार का रुख

महाराष्ट्र सरकार के नियमानुसार कमर्शियल वाहन चालकों को व्यावहारिक मराठी का ज्ञान होना अनिवार्य है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया है कि गैर-मराठी भाषी चालकों को मराठी का विद्वान बनने की आवश्यकता नहीं है, केवल इतना ज्ञान पर्याप्त है जिससे वे यात्रियों से आसानी से संवाद कर सकें.

दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी चालकों का कहना है कि वे भाषा सीखने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जांच की आड़ में आरटीओ (RTO) अधिकारियों द्वारा दंडात्मक कार्रवाई और अत्यधिक सवाल-जवाब से उन्हें परेशानी हो रही है. यूनियनों की मांग है कि भाषा सीखने के लिए कम से कम 3 महीने की मोहलत दी जाए और तब तक चालकों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम न उठाए जाएं.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 25, 2026 04:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).