NEET Paper Leak Debate: संसद का गतिरोध समाप्त करने की दिशा में कदम; लोकसभा में नीट विवाद पर विशेष चर्चा कराने को तैयार हुई केंद्र सरकार
संसद में जारी राजनीतिक गतिरोध को खत्म करने और सदनों की कार्यवाही को सुचारू बनाने के लिए केंद्र सरकार नीट (NEET) पेपर लीक विवाद पर लोकसभा में विशेष चर्चा कराने के लिए तैयार हो गई है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर इस विषय पर चर्चा की रूपरेखा पर बात की है.
नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा धांधली और पेपर लीक विवाद को लेकर संसद में पिछले कुछ दिनों से जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है.
बुधवार, 22 जुलाई 2026 को सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, सरकार लोकसभा में नीट विवाद और परीक्षा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर एक समर्पित (Dedicated) और विस्तृत चर्चा कराने के लिए तैयार हो गई है.
इस सिलसिले में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (ने Kiren Rijiju) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संसद के दोनों सदनों में लगातार हो रहे हंगामे और कार्यस्थगन को समाप्त कर कार्यवाही को सामान्य बनाना है. यह भी पढ़ें: Delhi Police On Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर पथराव और पुलिस कार्रवाई के दावों को दिल्ली पुलिस ने किया खारिज; बताया 'झूठा और भ्रामक'
संसद में गतिरोध दूर करने की रणनीति
मानसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्षी दल नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं, धांधली और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग कर रहे थे. विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ रही थी.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की लोकसभा अध्यक्ष के साथ हुई बैठक के बाद माना जा रहा है कि सरकार सदन के पटल पर ही चर्चा के प्रारूप और समय का औपचारिक ऐलान कर सकती है. सरकार की रणनीति विपक्ष को चर्चा का अवसर देकर विधायी कामकाज को आगे बढ़ाने की है.
"पेपर लीक राष्ट्रीय चिंता का विषय, राजनीति न हो" — किरेन रिजिजू
सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा:
"पेपर लीक की घटनाएं पूरे देश के लिए अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक विषय हैं. इस मुद्दे पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए. सरकार दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर रही है और छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है."
पृष्ठभूमि और विपक्ष की मांगें
उल्लेखनीय है कि नीट-यूजी परीक्षा (NEET-UG) देश भर के मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है. इस वर्ष कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बाद देशव्यापी आक्रोश और प्रदर्शन देखने को मिले.
हालांकि सरकार का कहना है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है और अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके बावजूद, विपक्षी दल इस पूरे प्रकरण पर पूर्ण संसदीय जवाबदेही, व्यापक चर्चा और भविष्य के लिए पारदर्शी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग पर अड़े हुए हैं.