Monsoon Tracker: थमा हुआ मानसून 12 जून के बाद फिर हो सकता है सक्रिय, IMD ने की ये भविष्यवाणी

पिछले कुछ दिनों से रुका हुआ मानसून अब 12 से 18 जून के बीच फिर से गति पकड़ सकता है, जिससे महाराष्ट्र, मध्य भारत और दक्षिणी राज्यों को राहत मिलने की उम्मीद है.

Representational Image | PTI

पुणे: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उम्मीद जताई है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 12 जून के बाद फिर से सक्रिय हो सकता है. पिछले कुछ दिनों से रुका हुआ मानसून अब 12 से 18 जून के बीच फिर से गति पकड़ सकता है, जिससे महाराष्ट्र, मध्य भारत और दक्षिणी राज्यों को राहत मिलने की उम्मीद है. IMD के एक अधिकारी ने बताया कि 12-13 जून के बीच बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम बनने की संभावना है. हालांकि, सभी मौसम मॉडल इसके पक्ष में नहीं हैं, इसलिए विभाग ने फिलहाल इसे अपने आधिकारिक पूर्वानुमान में शामिल नहीं किया है. फिर भी, विस्तारित पूर्वानुमान (Extended Range Forecast) में मानसून के दोबारा सक्रिय होने के संकेत दिए गए हैं, चाहे वह सिस्टम बने या न बने.

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बारिश का वितरण होगा मानसून की प्रगति का आधार

IMD के अनुसार, मानसून की आगे की प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि बारिश का वितरण कितना संतुलित होता है और मानसूनी हवाएं किस तरह स्थापित होती हैं. अगर सब कुछ ठीक रहा तो मध्य भारत, महाराष्ट्र और दक्षिणी प्रायद्वीप में अच्छी बारिश हो सकती है.

जानें स्काईमेट ने की क्या भविष्यवाणी

निजी मौसम एजेंसी Skymet Weather ने बंगाल की खाड़ी में सिस्टम बनने को लेकर ज्यादा विश्वास जताया है. उनके अनुसार, 10 जून तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनेगा, जो 48 घंटे में मजबूत होकर बारिश लाएगा.

Skymet के प्रमुख जी.पी. शर्मा ने बताया कि यह सिस्टम आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र तक सक्रिय रहेगा, जिससे इन राज्यों में मानसून दोबारा जीवन में वापसी करेगा.

12 से 18 जून के बीच कहां होगी कितनी बारिश?

अगर IMD और Skymet की भविष्यवाणियां सटीक रहीं, तो 12 जून से मानसून फिर से रफ्तार पकड़ेगा, जो किसानों और जल संकट झेल रहे इलाकों के लिए बड़ी राहत होगी. अब निगाहें आसमान पर हैं — उम्मीद है कि मानसून फिर से ज़मीन को हरा-भरा कर देगा.

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