Middle East Conflict: पश्चिम एशिया तनाव के बीच PM नरेंद्र मोदी करेंगे तेल-गैस हालात की समीक्षा, सप्लाई पर सरकार की कड़ी नजर

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से भी बातचीत की. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की और शांति व स्थिरता की उम्मीद जताई. पीएम मोदी ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इससे वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होती है.

Middle East Conflict Update: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम एक हाई-लेवल बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इस बैठक में पेट्रोलियम उत्पाद, क्रूड ऑयल, बिजली और उर्वरक सेक्टर की स्थिति की समीक्षा की जाएगी. सरकार का मुख्य फोकस देश में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना, लॉजिस्टिक्स को स्थिर रखना और वितरण व्यवस्था को मजबूत करना है. मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है ताकि उपभोक्ताओं और उद्योगों पर किसी तरह का नकारात्मक असर न पड़े. यह भी पढ़ें: PM Modi Speaks To Iran President: पीएम नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच फिर बातचीत, ईद और नवरोज की दी शुभकामनाएं

सूत्रों के अनुसार, इस अहम बैठक में कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी शामिल होंगे. सरकार पहले से ही ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सक्रिय कदम उठा रही है और देश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है.

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से भी बातचीत की. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की और शांति व स्थिरता की उम्मीद जताई. पीएम मोदी ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इससे वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होती है.

सरकार ने साफ किया है कि भारत ने अपनी ऊर्जा निर्भरता को कम करने के लिए आयात के स्रोतों में विविधता लाई है. अब देश का करीब 70% तेल आयात खाड़ी देशों के बाहर से हो रहा है, जिसमें अमेरिका, रूस और नाइजीरिया जैसे देश शामिल हैं.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बाधित होने की आशंका के बीच यह कदम काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि दुनिया के करीब 20% तेल-गैस का ट्रांजिट इसी रास्ते से होता है.

एलपीजी को लेकर भी सरकार सतर्क है. सप्लाई में किसी तरह की कमी न आए, इसके लिए अमेरिका से भी एलपीजी आयात किया जा रहा है. हालांकि फिलहाल देश में किसी भी गैस एजेंसी पर सप्लाई खत्म होने की स्थिति नहीं है.

सरकार ने राज्यों को कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए लगातार छापेमारी भी की जा रही है. साथ ही उपभोक्ताओं को एलपीजी की जगह पीएनजी और सीएनजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है.

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