Mann Ki Baat: नारी शक्ति के योगदान को नमन करने का अवसर है महिला दिवस- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' के 110वें कार्यक्रम में अपने विचार सांझा किए. प्रधानमंत्री ने इस दौरान 8 मार्च को मनाए जाने वाले महिला दिवस का उल्लेख किया.
नई दिल्ली, 25 फरवरी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' के 110वें कार्यक्रम में अपने विचार सांझा किए. प्रधानमंत्री ने इस दौरान 8 मार्च को मनाए जाने वाले महिला दिवस का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि यह विशेष दिन देश की विकास यात्रा में नारी शक्ति के योगदान को नमन करने का अवसर होता है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत की नारी शक्ति हर क्षेत्र में प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रही है. उन्होंने कहा कि किसने सोचा था कि हमारे गांव में रहने वाली महिलाएं भी ड्रोन उड़ाएंगी लेकिन आज यह संभव हो रहा है. आज गांव गांव में ड्रोन दीदी की चर्चा है, हर किसी की जुबान पर नमो ड्रोन दीदी का नाम है. यह भी पढ़ें : Mann Ki Baat: युवा देश के भविष्य, उन्हें नशे से बचाना व उनकी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाना हमारा दायित्व- पीएम मोदी
इस दौरान प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश स्थित सीतापुर में रहने वाली नमो ड्रोन दीदी सुनीता देवी से बात की. प्रधानमंत्री ने सुनीता देवी से पूछा कि 'ड्रोन दीदी' बनने की उनकी शुरुआत कैसे हुई, उनकी ट्रेनिंग कहां और कैसे हुई. सुनीता ने प्रधानमंत्री को बताया कि उन्हें फूलपुर इलाहाबाद स्थित केंद्र से ट्रेनिंग मिली है. प्रधानमंत्री ने सुनीता से पूछा कि क्या इससे पहले आपने ड्रोन के विषय में सुना था. सुनीता ने बताया कि उन्होंने पहली बार सीतापुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में ही ड्रोन देखा था. सुनीता देवी ने प्रधानमंत्री को बताया कि ट्रेनिंग के दौरान पहले उन्हें थ्योरी पढ़ाई गई और ड्रोन के बारे में बताया गया. इसके बाद उनका टेस्ट लिया गया और फिर ड्रोन उड़ने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी गई.
सुनीता ने बताया की फसल बड़ी होने पर या बरसात के मौसम में खेत में जाना मुश्किल होता है, ऐसे में ड्रोन की सहायता से खेतों में दवा का छिड़काव किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि अभी तक वह 35 एकड़ फसल में ड्रोन के माध्यम से दवा का छिड़काव कर चुकी है. सुनीता ने प्रधानमंत्री को बताया कि पहले जो काम कई घंटो में होता था वह काम अब केवल 30 मिनट में पूरा हो जाता है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में आज कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां नारी शक्ति पीछे रह गई हो. प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि महिलाओं ने प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण व स्वछता के क्षेत्र में भी बेहतरीन काम किया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि केमिकल से हमारी धरती मां को पीड़ा हुई है. धरती मां को बचाने में मातृशक्ति बड़ी भूमिका निभा रही है. वे प्राकृतिक खेती को विस्तार दे रही हैं.
उन्होंने जल संरक्षण में पानी समितियां की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया. प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र की कल्याणी प्रफुल्ल पाटिल से भी बात की. कल्याणी ने माइक्रोबायोलॉजी में एमएससी किया है. कल्याणी ने प्रधानमंत्री को बताया कि उन्होंने 10 प्रकार की प्राकृतिक वनस्पतियों को एकत्र करके पेस्टिसाइड का विकल्प तैयार किया है. इस विधि के कारण कम से कम रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग किया जा रहा है. इससे पानी में खतरनाक कीटनाशक घुलने का खतरा नहीं रहता और लोगों का जीवन सुरक्षित बना रहता है.
प्रधानमंत्री ने कल्याणी से जल संरक्षण के विषय में पूछा, इस पर उन्होंने बताया कि गांव के सभी भवनों जैसे स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत घर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की गई है, इससे बारिश का पानी वापस जमीन में जाता है. उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि गांव में अभी तक 20 वाटर रिचार्ज बनाए गए हैं और 50 नए वाटर रिचार्ज की व्यवस्था की जा रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में देश की नारी शक्ति की सफलता बहुत प्रेरक है. उन्होंने कहा कि मैं नारी शक्ति की स्पिरिट की हृदय से सराहना करता हूं.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 25, 2024 12:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

