8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग पर बड़ी अपडेट, सितंबर में हो सकता है अगले महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान
8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने हितधारकों से सुझाव लेने की समय-सीमा 15 जून को समाप्त कर दी है. इसके साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन और भत्तों में संशोधन की कवायद तेज हो गई है. वहीं, सितंबर में अगले महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी की भी उम्मीद जताई जा रही है.
8th Pay Commission Update: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है. 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) ने एक बड़े नियामक चरण को पूरा करते हुए 15 जून 2026 को हितधारकों (Stakeholders) द्वारा ज्ञापन या सुझाव सौंपने की समय-सीमा को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है. अक्टूबर 2025 में भारत सरकार द्वारा अनुमोदित शर्तों के तहत काम कर रहे इस आयोग के पास अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करने के लिए अब लगभग 10 महीने का समय शेष है. आयोग की ये अंतिम सिफारिशें देश भर के अनुमानित 55 लाख सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन और अन्य भत्तों में होने वाले संशोधनों को निर्धारित करेंगी. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission: कब आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट? जानें महत्वपूर्ण तारीखें, नए नियम और सैलरी-पेंशन से जुड़ी उम्मीदें
फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने और पुरानी पेंशन (OPS) की बहाली की मांग
आधिकारिक वेब पोर्टल पर सुझावों की खिड़की बंद होने के बाद, केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों और संघों ने अपनी मांगों को संकलित कर आयोग के सामने रखा है. इन सबमिशन में मुख्य ध्यान वित्तीय समायोजन पर है। कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को बढ़ाने और न्यूनतम मूल वेतनमान (Minimum Basic Pay Scale) में उल्लेखनीय वृद्धि करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया है.
मूल वेतन के अलावा, इन ज्ञापनों में सेवानिवृत्ति सुरक्षा यानी पेंशन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है. विभिन्न संघों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के मौजूदा ढांचे की व्यापक समीक्षा करने की मांग की है, जबकि कई संगठन पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पूरी तरह से बहाल करने की वकालत कर रहे हैं. इसके अलावा, मकान किराया भत्ता (HRA), जोखिम भत्ता (Risk Pay), बोनस और चिकित्सा लाभों में सुधार की भी मांग की गई है.
ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने कहा, "15 जून को ज्ञापन जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने परामर्श का एक बड़ा चरण पार कर लिया है. अब उम्मीद है कि आयोग कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और न्यायिक अधिकारियों से प्राप्त सुझावों का बारीकी से अध्ययन करेगा और अपनी आगामी चर्चाओं को तेजी से पूरा करेगा."
सितंबर में हो सकता है अगले महंगाई भत्ते (DA) का ऐलान
दीर्घकालिक वेतन ढांचे (Pay Structure) में सुधारों के बीच, केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले द्विवार्षिक (Biannual) महंगाई भत्ते (DA) की अगली किस्त को लेकर भी स्थितियां स्पष्ट होने लगी हैं. इससे पहले 18 अप्रैल को सरकार ने जनवरी 2026 से प्रभावी होने वाले डीए और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे कुल 60 प्रतिशत कर दिया था. अब सभी की नजरें साल की दूसरी छमाही की किस्त पर टिकी हैं.
मंजीत सिंह पटेल ने स्पष्ट किया कि अमूमन महंगाई भत्ते की घोषणा सितंबर महीने में की जाती है, हालांकि कुछ वर्षों में यह अक्टूबर तक भी टल जाती है. जुलाई 2026 से प्रभावी होने वाला यह डीए हाइक पूरी तरह से श्रम ब्यूरो (Labour Bureau) द्वारा हर महीने जारी किए जाने वाले अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों पर निर्भर करता है.
अप्रैल 2026 के नवीनतम आंकड़ों में 0.8 अंक की बढ़त के साथ यह सूचकांक 149.9 पर पहुंच गया था. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि मई और जून 2026 के आगामी आंकड़े ही अंतिम रूप से तय करेंगे कि डीए में कितनी वृद्धि होगी, क्योंकि सरकार को अंतिम निर्णय लेने के लिए कम से कम दो से तीन महीनों के औसत चार्ट की आवश्यकता होती है.
स्थानीय स्तर पर डेटा जुटाने के लिए आयोग के क्षेत्रीय दौरे
डिजिटल माध्यमों से मिले सुझावों के अलावा जमीनी हकीकत और क्षेत्रीय प्रशासनिक निकायों की प्रतिक्रिया जानने के लिए 8वां वेतन आयोग देश भर के विभिन्न राज्यों का दौरा भी कर रहा है. नई दिल्ली, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हैदराबाद (तेलंगाना) और महाराष्ट्र के दौरों के बाद अब आयोग अपने मानसून शेड्यूल पर काम कर रहा है.
उत्तराखंड के कर्मचारी संगठनों से 26 अप्रैल को पहली मुलाकात के बाद, पैनल ने कई प्रमुख क्षेत्रीय केंद्रों का दौरा तय किया है. इसी कड़ी में 22-23 जून 2026 को आयोग की टीम ने लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की हैं. इसके बाद आगामी 6-7 जुलाई को भुवनेश्वर (ओडिशा) और 9-10 जुलाई को कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में परामर्श दौरों की पुष्टि की गई है, ताकि हर स्तर पर डेटा और फीडबैक सुनिश्चित किया जा सके.