Ratlam: रतलाम में मुहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया; करंट लगने से लोगों की मौत, कई झुलसे
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के हतनारा गांव में गुरुवार देर रात मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहाँ निकाला जा रहा एक ताजिया ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तार से टकरा गया, जिससे पूरे ढांचे में करंट फैल गया। इस हादसे में लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं.
रतलाम: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रतलाम (Ratlam) जिले से एक बेहद ही दर्दनाक और दुखद खबर सामने आई है. जिले के पिपलौदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम हतनारा में गुरुवार देर रात मुहर्रम के जुलूस के दौरान करंट लगने से एक बड़ा हादसा हो गया. जुलूस के दौरान निकाला जा रहा एक ताजिया (Tazia) अचानक सड़क के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तार (High-Tension Wire) की चपेट में आ गया. तार से छूते ही ताजिए के पूरे ढांचे में बेहद तेज करंट दौड़ गया, जिसने वहां मौजूद भीड़ को अपनी चपेट में ले लिया. स्थानीय अधिकारियों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस वीभत्स हादसे में मौके पर ही मौतें हो गईं, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए. यह भी पढ़ें: Ujjain Muharram Car Blast Video: उज्जैन में मुहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से 40 फीट ऊपर वैन लटकाकर किया ब्लास्ट; आयोजक समेत 4 पर FIR दर्ज
आधी रात को मची चीख-पुकार और भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हादसा उस समय हुआ जब हतनारा गांव की सड़कों पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मुहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था. जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल थे. जैसे ही ताजिए का ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रही 11 केवी (11KV) की हाईटेंशन लाइन से टकराया, एक जोरदार धमाके के साथ करंट फैल गया.
ताजिए को उठाए हुए और उसके आसपास चल रहे लोग सीधे तौर पर इस हाई-वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए. करंट लगते ही मौके पर भीषण चीख-पुकार मच गई और जुलूस में शामिल करीब 200 लोगों के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई. करंट लगने से कई लोग जमीन पर गिर पड़े, जिससे अफरा-तफरी और अधिक बढ़ गई.
MP में हाई-टेंशन तार के संपर्क में आने से ताजिया हादसे में कई लोगों की मौत
पुलिस और प्रशासन का त्वरित राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी अमले के साथ तुरंत हतनारा गांव पहुंचे. अधिकारियों ने सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी की और बिजली विभाग से संपर्क कर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति को पूरी तरह बंद करवाया.
आपातकालीन बचाव दल (Emergency Responders) और पुलिस कर्मियों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। करंट की चपेट में आए और बुरी तरह झुलसे सभी लोगों को तुरंत एम्बुलेंस और अन्य वाहनों के जरिए नजदीकी जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, झुलसे हुए लोगों में से कुछ की हालत काफी नाजुक बनी हुई है और वे गंभीर रूप से बर्न इंजरी (Burn Injuries) का शिकार हुए हैं.
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और जांच के आदेश
इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल छा गया है. वहीं, स्थानीय ग्रामीणों में बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में हाईटेंशन बिजली की तारें काफी नीचे की तरफ झुकी हुई हैं, जिसके बारे में पहले भी शिकायतें की जा चुकी थीं, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया.
स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है. एक औपचारिक जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि क्या जुलूस के निर्धारित मार्ग पर बिजली विभाग के साथ सुरक्षा प्रोटोकॉल का ठीक से समन्वय किया गया था या नहीं. जांच में इस बात की भी समीक्षा की जा रही है कि क्या जुलूस के समय बिजली की अस्थाई कटौती (Power Shutdown) की व्यवस्था की जानी चाहिए थी और इसमें किसकी लापरवाही रही है.