महाराष्ट्र SIR की समयसीमा बढ़ाने की मांग, सपा विधायक रईस शेख ने वोटर लिस्ट में विसंगतियों को लेकर EC से मांगा 2 महीने का विस्तार
चुनाव अधिकारी को भेजे गए पत्र में रईस शेख ने कहा कि कई नागरिकों ने पंजीकरण के लिए आवेदन (फॉर्म 6) और पते में सुधार (फॉर्म 8) के लिए वैध दस्तावेज जमा किए थे और उन्हें पावती रसीद भी मिली थी. इसके बावजूद प्रारूप मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) से उनके नाम गायब हैं.
Maharashtra SIR: महाराष्ट्र में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान के प्रारूप मतदाता सूची में बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम गायब होने का आरोप सामने आया है. समाजवादी पार्टी (SP) के विधायक रईस शेख ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर 30 सितंबर 2026 की समयसीमा को दो महीने बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि तकनीकी खामियों और प्रशासनिक ढिलाई के कारण लाखों नागरिक अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं.
प्रारूप सूची से नाम गायब होने का दावा
चुनाव अधिकारी को भेजे गए पत्र में रईस शेख ने कहा कि कई नागरिकों ने पंजीकरण के लिए आवेदन (फॉर्म 6) और पते में सुधार (फॉर्म 8) के लिए वैध दस्तावेज जमा किए थे और उन्हें पावती रसीद भी मिली थी. इसके बावजूद प्रारूप मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) से उनके नाम गायब हैं. यह भी पढ़े: महाराष्ट्र SIR ड्राफ्ट लिस्ट जारी, लाखों नाम कटे! लिस्ट में अपना नाम है या नहीं, ऐसे करें चेक
विधायक ने आरोप लगाया कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के स्तर पर हजारों आवेदन अब भी लंबित पड़े हैं. इसके अलावा, जिन मतदाताओं के नाम में विसंगतियां हैं या जिनका रिकॉर्ड लिंक नहीं हो सका है, उन्हें निर्वाचन प्राधिकारियों की ओर से कोई नोटिस, एसएमएस या कॉल नहीं भेजा गया है, जिससे लोग असमंजस की स्थिति में हैं.
डिजिटल पोर्टल में तकनीकी खराबी और त्योहारों का असर
रईस शेख ने चुनाव आयोग की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर बार-बार आ रही सर्वर समस्याओं का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने बताया कि सर्वर डाउन होने के कारण नागरिकों के लिए फॉर्म जमा करना या स्थिति ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो रहा है.
साथ ही, उन्होंने उल्लेख किया कि वर्तमान में त्योहारों का मौसम चल रहा है, जिसके कारण बीएलओ (BLO) और प्रशासनिक कर्मचारी छुट्टियों के दौरान काम करने में झिझक रहे हैं, जिससे सत्यापन की गति धीमी हो गई है.
विधायक द्वारा की गई प्रमुख मांगें
सपा विधायक ने निर्वाचन आयोग के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
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समयसीमा का विस्तार: दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की 30 सितंबर की समयसीमा को कम से कम दो महीने के लिए आगे बढ़ाया जाए.
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पावती रसीद धारकों का समावेशन: जिन नागरिकों के पास एसआईआर (SIR) पावती रसीद है, उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में प्राथमिकता के आधार पर शामिल किए जाएं.
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लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा: बीएलओ स्तर पर लंबित सभी फॉर्म 6 और फॉर्म 8 का तत्काल पारदर्शी तरीके से निपटारा किया जाए.
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ऑफलाइन अभियान: ऑनलाइन प्रणाली में आ रही तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए व्यक्तिगत रूप से आवेदन स्वीकार करने के लिए विशेष ऑफलाइन अभियान चलाया जाए.