Maharashtra MJPJAY Scheme: मुंबई: कैंसर से पीड़ित मरीजों को बड़ी राहत देते हुए महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. राज्य सरकार ने कैंसर की पहचान और उसकी स्टेज का पता लगाने के लिए बेहद जरूरी माने जाने वाले 'पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी' यानी पीईटी (PET) स्कैन टेस्ट को 'महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना' (MJPJAY) के दायरे में शामिल करने का फैसला किया है. अधिकारियों के अनुसार, इस जांच को स्वास्थ्य बीमा योजना से जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और अगले एक महीने के भीतर इसके पैकेज रेट फाइनल कर पोर्टल पर लाइव कर दिए जाएंगे.
15 से 30 हजार रुपये का खर्च अब होगा मुफ्त
वर्तमान समय में किसी भी निजी या मान्यता प्राप्त केंद्र से पीईटी (PET) स्कैन कराने पर मरीजों को 15,000 रुपये से लेकर 30,000 रुपये तक का भारी-भरकम खर्च उठाना पड़ता है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस टेस्ट के अत्यधिक महंगे होने के कारण कई आर्थिक रूप से कमजोर परिवार समय पर जांच नहीं करा पाते हैं. यह भी पढ़े: Single Blood Test For 10 Cancers? स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम, अब एक ब्लड टेस्ट से 10 कैंसर का पता लगाया जा सकेगा; भारत में शुरुआती जांच हुई और आसान
इस वित्तीय बाधा की वजह से बीमारी का पता लगाने में देरी होती है, जिससे कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है. इस योजना में शामिल होने के बाद पात्र लाभार्थियों को यह सुविधा पूरी तरह कैशलेस (मुफ्त) मिल सकेगी.
एक महीने में फाइनल होंगे पैकेज रेट
महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना (MJPJAY) और आयुष्मान भारत (PMJAY) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अन्नासाहेब चव्हाण ने इस प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ की है. उन्होंने बताया कि पीईटी स्कैन टेस्ट को योजना के तहत सूचीबद्ध करने का काम अंतिम चरण में है.
आगामी कुछ दिनों में इस टेस्ट के लिए पैकेज की दरें तय कर दी जाएंगी और उन्हें आधिकारिक योजना पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा. इसके तुरंत बाद, योजना से संबद्ध (एम्पैनल्ड) अस्पतालों में पात्र मरीज इस मुफ्त सेवा का लाभ उठा सकेंगे.
समय पर कैंसर की पहचान है मुख्य उद्देश्य
महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने इस फैसले के पीछे की मंशा को स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पैसों की कमी किसी के इलाज में बाधा न बने.
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, पीईटी स्कैन कैंसर के सटीक इलाज की दिशा तय करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण जांच है. लागत अधिक होने की वजह से कई लोग तब अस्पताल पहुंचते हैं जब बीमारी चौथी स्टेज (Stage IV) तक पहुंच चुकी होती है, जहां इलाज का असर काफी कम हो जाता है. इस कदम का मुख्य उद्देश्य शुरुआती स्टेज में ही बीमारी को पकड़ना और तुरंत इलाज शुरू करना है.
योजना का दायरा और अस्पतालों का नेटवर्क
महाराष्ट्र में वर्तमान में लगभग 4,800 सरकारी और निजी अस्पताल एमजेपीजेएवाई (MJPJAY) के तहत पंजीकृत हैं, हालांकि पीईटी स्कैन की आधुनिक सुविधा केवल चुनिंदा बड़े केंद्रों पर ही उपलब्ध है. पैकेज को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद, इन चुनिंदा केंद्रों पर मुफ्त जांच शुरू होगी. इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र सार्वजनिक ट्रस्ट अधिनियम, 1950 के तहत पंजीकृत 345 चैरिटेबल (धर्मार्थ) अस्पतालों को भी इस स्वास्थ्य योजना से जोड़ने का मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि इस सुविधा का दायरा बढ़ाया जा सके.
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र सरकार ने साल 2023 में एमजेपीजेएवाई योजना का विस्तार करते हुए प्रति परिवार स्वास्थ्य बीमा कवर को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये सालाना कर दिया था. केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के साथ मिलकर यह एकीकृत योजना वर्तमान में 1,350 से अधिक चिकित्सा प्रक्रियाओं और ऑपरेशनों को कवर करती है, जो राज्य के नागरिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज में बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवच प्रदान कर रही है.













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