Maharashtra Milk Price Hike: महाराष्ट्र में महंगाई का झटका, दूध की कीमतों में ₹2 की बढ़ोतरी के बाद नई दरें कल से होंगी लागू; जानें नए रेट
महाराष्ट्र में 11 अगस्त से दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी लागू होने जा रही है. खुदरा महंगाई से पहले से ही जूझ रही आम जनता के लिए यह फैसला एक और अतिरिक्त आर्थिक बोझ लेकर आएगा.
Maharashtra Milk Price Hike: आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से पहले से ही परेशान आम जनता के सामने अब एक और आर्थिक चुनौती आने वाली है. महाराष्ट्र में दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है. नई दरें 11 अगस्त से लागू होंगी. इस बढ़ोतरी के बाद राज्य में गाय का दूध ₹60 से बढ़कर ₹62 प्रति लीटर हो जाएगा, जबकि भैंस का दूध ₹76 के बजाय ₹78 प्रति लीटर की दर से मिलेगा. डेयरी संचालकों का कहना है कि उत्पादन और परिवहन लागत में हुई वृद्धि के कारण यह फैसला लेना अनिवार्य हो गया था. यह भी पढ़े: Maharashtra Milk Price: महंगाई का झटका! महाराष्ट्र में 11 अगस्त से गाय और भैंस का दूध ₹2 प्रति लीटर होगा महंगा, जानें नई कीमतें
क्या हैं दूध की नई दरें?
राज्यभर में लागू होने वाली नई दरों का विवरण इस प्रकार है:
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गाय का दूध: ₹62 प्रति लीटर (पुरानी दर: ₹60 प्रति लीटर)
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भैंस का दूध: ₹78 प्रति लीटर (पुरानी दर: ₹76 प्रति लीटर)
यह नई दरें 11 अगस्त की सुबह से आपूर्ति होने वाले दूध पर प्रभावी होंगी.
कीमतें बढ़ाने का मुख्य कारण
डेयरी संचालकों और दुग्ध उत्पादक संघों के अनुसार, यह फैसला परिचालन लागत में हुई बढ़ोतरी के कारण लिया गया है.
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परिवहन लागत में वृद्धि: ईंधन की दरों में बदलाव के कारण दूध को संकलन केंद्रों से प्रसरित (process) कर बाजार तक पहुंचाने का खर्च बढ़ गया है.
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संग्रहण और प्रसंस्करण खर्च: किसानों से दूध एकत्र करने और उसे सुरक्षित रखने की प्रक्रिया में लगने वाली लागत बढ़ी है.
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पशु आहार महंगा होना: दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए पशु आहार और रखरखाव महंगा हो गया है, जिससे उन्हें उचित मूल्य देना आवश्यक था.
आम जनता के बजट पर असर
सब्जियों और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की ऊंची दरों से जूझ रहे परिवारों के लिए दूध की कीमतों में वृद्धि एक नया झटका है. दूध हर घर की दैनिक जरूरत में शामिल है, इसलिए प्रति लीटर ₹2 की यह बढ़ोतरी मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के मासिक बजट को प्रभावित करेगी.
किसान हित और बाजार संतुलन
डेयरी क्षेत्र के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह निर्णय दुग्ध उत्पादकों के हितों की रक्षा और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है. डेयरी संघों का मानना है कि यदि कीमतें नहीं बढ़ाई जातीं, तो किसानों के लिए उत्पादन जारी रखना कठिन हो जाता.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 10, 2026 10:03 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

