Maharashtra FDA Action: मुंबई में मिलावट और गंदगी पर तुकाराम मुंढे का कड़ा प्रहार; Zepto से जुड़े डार्क स्टोर, नामी रेस्टोरेंट और इस्कॉन जुहू के फूड लाइसेंस निलंबित

खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन पर महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मुंबई में बड़े पैमाने पर दंडात्मक कार्रवाई की है. आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चले विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान क्विक-कॉमर्स कंपनी जेप्टो से जुड़ी फर्म ड्रोघेरिया सेलर्स, जुहू स्थित इस्कॉन मंदिर के गोविंदास रेस्टोरेंट, आर.के. एसोसिएट्स और कई प्रतिष्ठित रेस्तराओं के फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं.

मुंबई: खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों से खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) (Maharashtra Food and Drug Administration) ने राजधानी मुंबई में बड़ा अभियान छेड़ा है. एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) के नेतृत्व में की गई औचक जांच के बाद कई प्रमुख रेस्टोरेंट्स, कैटरर्स और 10 मिनट डिलीवरी सर्विस देने वाले क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं.

नियामक की जांच में शहर के कई नामी भोजनालयों और डार्क स्टोर्स में कॉकरोच, एक्सपायरी डेट पार कर चुके खाद्य पदार्थ और खुले में खाना रखने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं.  एफडीए ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यह भी पढ़ें: Maharashtra FDA: महाराष्ट्र एफडीए का बड़ा एक्शन, मुंबई के इन 5 बड़े क्लबों के फूड लाइसेंस सस्पेंड; जानें नाम और वजह

Zepto से जुड़ी फर्म और R.K. Associates पर गिरी गाज

कार्रवाई के दायरे में क्विक-कॉमर्स और पारंपरिक हॉस्पिटैलिटी दोनों क्षेत्रों के बड़े नाम आए हैं:

इस्कॉन जुहू के गोविंदास और अन्य लोकप्रिय फूड आउटलेट्स पर एक्शन

धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से प्रतिष्ठित स्थलों के फूड ऑपरेशंस में भी भारी खामियां दर्ज की गईं:

IRCTC से जुड़े कैटरर्स को सुधार नोटिस

रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) से जुड़े वेंडर्स और कैटरिंग संचालकों पर भी शिकंजा कसा गया है:

पूरे महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा अभियान तेज

महाराष्ट्र एफडीए ने हाल के हफ्तों में रेस्टोरेंट्स के साथ-साथ ब्लिंकिट, जेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट जैसी कंपनियों के वेयरहाउसों और डार्क स्टोर्स पर निरंतर छापे मारे हैं. नियामक ने दोहराया है कि लाइसेंस निलंबन की अवधि के दौरान संबंधित आउटलेट्स किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण या बिक्री नहीं कर सकेंगे. यह सख्त कदम राज्य भर में सुरक्षित और स्वच्छ खानपान की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.

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