Maharashtra: डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट मामला; शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे गिरफ्तार, दी सफाई
शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे (Photo Credits: X)

डोंबिवली: महाराष्ट्र (Maharashtra) के ठाणे जिले (Thane District) के डोंबिवली (Dombivali) इलाके से एक बड़ी राजनीतिक और आपराधिक खबर सामने आई है. डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ (Doctors and Medical Staff) के साथ कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार करने के आरोप में शिवसेना के स्थानीय कॉर्पोरेटर (पार्षद) रमेश म्हात्रे (Ramesh Mhatre) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. डोंबिवली के विष्णुनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के बाद यह त्वरित कार्रवाई की गई है. इस घटना के बाद स्थानीय चिकित्सा जगत में भारी आक्रोश व्याप्त है, वहीं दूसरी ओर आरोपी कॉर्पोरेटर ने घटना पर अपना स्पष्टीकरण भी जारी किया है. यह भी पढ़ें: डोंबिवली KDMC अस्पताल मारपीट मामला: शिवसेना की तरफ से MP श्रीकांत शिंदे की चेतावनी, बोले- कानून हाथ में लेने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

विष्णुनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, विष्णुनगर पुलिस स्टेशन में रमेश म्हात्रे के खिलाफ क्राइम नंबर 195/26 के तहत मामला पंजीकृत किया गया था. यह प्राथमिकी अस्पताल के पीड़ित डॉक्टरों और स्टाफ के बयानों के आधार पर दर्ज की गई थी. पुलिस ने आरोपी कॉर्पोरेटर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 132 (सरकारी सेवक को अपने कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और धारा 121(1) (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना) सहित अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया, जिसके बाद उनकी औपचारिक गिरफ्तारी की पुष्टि की गई.

शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे गिरफ्तार

आरोपी कॉर्पोरेटर ने दी सफाई: "महिला डॉक्टर पर हाथ नहीं उठाया"

गिरफ्तारी के बाद मीडिया और पुलिस के सामने अपनी बात रखते हुए शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे ने अस्पताल परिसर में हुई इस अप्रिय घटना पर दुख व्यक्त किया है. हालांकि, उन्होंने अपने ऊपर लगे मुख्य आरोपों का खंडन भी किया. म्हात्रे ने कहा:

"अस्पताल में जो शारीरिक हाथापाई और विवाद हुआ, मुझे उसका गहरा खेद है. लेकिन मैं पूरी ईमानदारी और पूर्ण विश्वास के साथ यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैंने वहां मौजूद महिला डॉक्टर पर बिल्कुल भी हाथ नहीं उठाया। उन पर हमला करने का आरोप पूरी तरह निराधार है."

अस्पताल में हंगामे और मारपीट का बैकग्राउंड

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरा विवाद शास्त्री नगर अस्पताल में एक मरीज के इलाज में हुई कथित देरी या लापरवाही को लेकर शुरू हुआ था. मरीज के पक्ष में अस्पताल पहुंचे कॉर्पोरेटर और उनके समर्थकों की डॉक्टरों के साथ तीखी बहस हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि कॉर्पोरेटर और उनके साथियों ने वहां मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी.

इस घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग को लेकर काम बंद कर दिया था और पुलिस से सख्त कार्रवाई का आग्रह किया था. स्थानीय पुलिस का कहना है कि वे अस्पताल के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच कर रहे हैं ताकि घटना की कड़ियों को पूरी तरह साफ किया जा सके और मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान की जा सके.