Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र में 1.70 करोड़ महिलाओं को मिला मई महीने का हफ्ता, 80 लाख अपात्र आवेदन सूची से बाहर

महाराष्ट्र सरकार की 'मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना' को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. राज्य कीगभग 1.70 करोड़ पात्र महिलाओं के खातों में मई महीने की 1,500 रुपये की किस्त ट्रांसफर कर दी गई है. वहीं, ई-केवाईसी (e-KYC) और दस्तावेजों की जांच के बाद सरकार ने लगभग 80 लाख अपात्र आवेदकों को इस सूची से बाहर कर दिया है.

Bahin Yojana Update:  महाराष्ट्र की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना' (Majhi Ladki Bahin Yojana) के लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक अपडेट सामने आया है. राज्य सरकार ने मई महीने की 1,500 रुपये की मासिक किस्त पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सफलतापूर्वक ट्रांसफर कर दी है. इसके साथ ही, योजना में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर स्क्रूटनी (दस्तावेजों की जांच) अभियान चलाया है, जिसके बाद करीब 80 लाख अपात्र आवेदकों को लाभार्थी सूची से हटा दिया गया है.

1.70 करोड़ महिलाओं को निरंतर मिलता रहेगा लाभ

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने योजना की निरंतरता को लेकर स्थिति साफ की है. उन्होंने बताया कि राज्य की लगभग 1.70 करोड़ वास्तविक और पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के मिलता रहेगा. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय सहायता केवल उन्हीं महिलाओं तक पहुंचे जो योजना के कड़े मापदंडों को पूरा करती हैं. मई की किस्त जारी होने के बाद अब जून महीने के भुगतान को लेकर भी प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं.  यह भी पढ़े:  Ladki Bahin Yojana Update: लाडकी बहनों के लिए खुशखबरी! खाते में जल्द आएंगे मार्च और अप्रैल की किस्त एक साथ, ऐसे करें बैलेंस चेक

स्क्रूटनी में पकड़े गए 14,000 पुरुष और सरकारी कर्मचारी

अधिकारियों के अनुसार, 30 अप्रैल तक चली ई-केवाईसी (e-KYC) और दस्तावेजी सत्यापन की प्रक्रिया के बाद बड़े पैमाने पर विसंगतियां पाई गईं. जांच के दौरान यह सामने आया कि करीब 5 लाख सरकारी कर्मचारियों ने भी इस योजना के लिए आवेदन कर लाभ उठाने की कोशिश की थी. इसके अलावा, कई आवेदकों के नाम पर पहले से चार पहिया वाहन पंजीकृत थे. सबसे चौंकाने वाले मामले में, लगभग 14,000 पुरुषों ने नियमों का दुरुपयोग करते हुए इस महिला कल्याण योजना के तहत फंड प्राप्त करने के लिए पंजीकरण कराया था, जिन्हें अब ब्लॉक कर दिया गया है.

अपात्रों के लिए वन-टाइम वेवर की घोषणा

योजना का गलत तरीके से लाभ उठाने वाले अवैध आवेदकों को लेकर सरकार ने एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने पुष्टि की है कि जिन अपात्र महिलाओं या आवेदकों ने अनजाने में या गलत जानकारी देकर अब तक लाभ उठाया है, उन्हें सरकार की ओर से 'वन-टाइम वेवर' (एकमुश्त माफी) दी जाएगी. हालांकि, इसके बाद से उनके खातों में अगली कोई भी राशि ट्रांसफर नहीं की जाएगी. सरकार के इस कदम से सरकारी खजाने के दुरुपयोग पर रोक लगेगी.

घर बैठे ऑनलाइन चेक करें अपना स्टेटस

यदि किसी लाभार्थी महिला के खाते में मई महीने की किस्त जमा नहीं हुई है, तो वे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस देख सकती हैं. इसके लिए उन्हें निम्नलिखित प्रक्रिया अपनानी होगी:

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं का भुगतान रुका हुआ है, वे तुरंत अपने बैंक खाते को आधार से लिंक (Seeding) करवाएं और अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करें.

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