Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' के तहत मई महीने की किस्त का इंतजार कर रही लाभार्थी महिलाओं के लिए आज राहत भरी खबर आ सकती है. जून का पहला हफ्ता बीत जाने के बाद भी अभी तक मई महीने के 1500 रुपये खातों में ट्रांसफर नहीं किए गए हैं. राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में आज होने वाली कैबिनेट बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है. इस बैठक में सरकार तय करेगी कि महिलाओं को केवल मई महीने का हफ्ता दिया जाए या फिर मई और जून दोनों महीनों की किस्त एक साथ दी जाए.
कैबिनेट बैठक में इन मुद्दों पर होगी चर्चा
आज होने वाली कैबिनेट बैठक में मुख्य रूप से समाज कल्याण विभाग को बजट आवंटित करने पर विचार किया जाएगा. इसके साथ ही लाभार्थी महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर करने की सटीक तारीख पर भी फैसला लिया जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक, जून के अंत में आने वाले वट पूर्णिमा त्योहार के मद्देनजर राज्य सरकार महिलाओं को दो महीने की किस्त यानी 3000 रुपये एक साथ देकर तोहफा देने की योजना पर भी विचार कर रही है. यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana Row: लाडकी बहन योजना पर महाराष्ट्र में सियासत गरमाई, शिवसेना UBTने लगाया गड़बड़ी का आरोप, बॉम्बे हाईकोर्ट से जांच कराने की मांग की
इसके अलावा, बैठक में ई-केवायसी (e-KYC) प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने को लेकर भी नीतिगत फैसला लिया जा सकता है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले ही संकेत दिए हैं कि जिन महिलाओं की प्रक्रिया अधूरी रह गई है, उनके लिए सरकार दोबारा मौका देने को तैयार है.
कब तक जमा होगी खाते में राशि?
योजना से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्य में इस समय विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता लागू है, जो 18 जून को समाप्त हो रही है. आचार संहिता के चलते तकनीकी रूप से इस अवधि में राशि ट्रांसफर करना संभव नहीं है. ऐसे में पूरी संभावना है कि 20 जून के बाद पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से पैसे जमा कर दिए जाएंगे. हालांकि, विभाग के कुछ सूत्रों का यह भी कहना है कि जरूरी मंजूरियां मिलने पर 12 से 15 जून के बीच भी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है.
80 लाख महिलाएं सूची से हुईं बाहर
योजना के तहत कराए गए अनिवार्य ई-केवायसी और कड़े सत्यापन (Verification) अभियान के बाद लाभार्थियों की सूची में बड़ा बदलाव आया है. जांच के दौरान करीब 80 लाख आवेदन अपात्र पाए गए हैं, जिन्हें योजना से बाहर कर दिया गया है.
इन अपात्र आवेदनों में आयकर दाता, सरकारी कर्मचारियों के परिवार और तय मापदंडों को पूरा न करने वाले लोग शामिल थे. इस छंटनी के बाद अब राज्य में केवल 1 करोड़ 66 लाख महिलाएं ही इस योजना के लिए पूरी तरह पात्र बची हैं, जिन्हें नियमित रूप से 1500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता मिलती रहेगी.
आवश्यक सूचना: जिन महिलाओं को मार्च और अप्रैल महीने की किस्त मिल चुकी है, लेकिन मई की किस्त को लेकर संशय है, वे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने आवेदन का 'Approved' स्टेटस जरूर जांच लें. साथ ही अपना बैंक खाता आधार और डीबीटी (DBT) से लिंक रखना सुनिश्चित करें.













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