उत्तरकाशी की तबाही में सुरक्षित मिले केरल के 28 पर्यटक, आपदास्थल से 4 किमी दूर फंसे थे
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देहरादून: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में खीर गंगा नदी के किनारे अचानक आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने अफरा-तफरी मचा दी. इस प्राकृतिक आपदा के बाद केरल से उत्तराखंड घूमने आए 28 पर्यटकों के लापता होने की खबर सामने आई थी, जिससे उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई थी. खुशखबरी यह है कि ये सभी पर्यटक सुरक्षित पाए गए हैं. ये लोग गंगोत्री की ओर जा रहे थे और फिलहाल भैरव घाटी के पास फंसे हुए हैं, जो बाढ़ प्रभावित स्थान से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर है. बचाव टीमों ने उन्हें खोज निकाला और उनकी स्थिति की पुष्टि की.

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मोबाइल नेटवर्क नहीं, बैटरी खत्म

उत्तराखंड में मलयाली समाज के सदस्य दिनेश ने बताया कि उन्होंने पर्यटकों को ले जा रही बस के ड्राइवर से बात की. उन्होंने बताया, “सभी लोग सुरक्षित हैं. उनके मोबाइल बंद हैं क्योंकि बैटरी खत्म हो चुकी है और नेटवर्क भी नहीं है. इसी कारण वे अपने परिवारों से संपर्क नहीं कर पाए.”

आईटीबीपी बनी देवदूत

राहत और बचाव कार्य में लगी इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) की टीम ने इन पर्यटकों को ढूंढकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. यह मिशन सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली.

महाराष्ट्र और केरल के निवासी हैं पर्यटक

इन 28 सैलानियों में से 20 लोग महाराष्ट्र में बसे हुए हैं और बाकी 8 केरल के विभिन्न ज़िलों से हैं. सभी लोग एक ट्रैवल एजेंसी द्वारा आयोजित 10 दिन की उत्तराखंड यात्रा पर निकले थे.

अब तक 5 की मौत, 100 से अधिक लोग लापता

हालांकि इस तबाही में अब तक कम से कम 5 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से अधिक लोग अब भी लापता हैं. कई गांवों में हालात बेहद खराब हैं. राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है.

चार नदियों में बाढ़ का गंभीर खतरा

केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, राज्य की चार नदियों पर पांच जगहों पर जलस्तर 'गंभीर बाढ़' की स्थिति में है, यानी जलस्तर खतरे के निशान और उच्चतम स्तर के बीच बना हुआ है.

अगले चार दिन भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में अगले चार दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे जाने से बचें और सतर्क रहें.