Kerala: आईआरएस अफसर और उनके परिवार का सेंट्रल एक्साइज स्टाफ क्वार्टर में मिला शव

कोच्चि के पास कक्कनाड स्थित सेंट्रल एक्साइज स्टाफ क्वार्टर में आईआरएस अफसर और उनकी मां-बहन का शव मिलने से हड़कंप मच गया. अफसर झारखंड के रहने वाले थे. घर से हिंदी में लिखा एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है.

प्रतीकात्मक (Image: Pixabay)

कोच्चि, 21 फरवरी : कोच्चि के पास कक्कनाड स्थित सेंट्रल एक्साइज स्टाफ क्वार्टर में आईआरएस अफसर और उनकी मां-बहन का शव मिलने से हड़कंप मच गया. अफसर झारखंड के रहने वाले थे. घर से हिंदी में लिखा एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है.

आत्महत्या का पता गुरुवार (20 फरवरी) रात को चला. मृतकों की पहचान जीएसटी के अतिरिक्त आयुक्त मनीष विजय अग्रवाल, उनकी मां शकुंतला और बहन शालिनी के रूप में हुई है. वे झारखंड के मूल निवासी हैं. पुलिस को संदेह है कि यह सामूहिक आत्महत्या का मामला है. अफसर के परिजनों को मौत की जानकारी दे दी गई है. पुलिस के मुताबिक उनके परिजनों का इंतजार किया जा रहा है. सुसाइड नोट में विदेश में रह रही बहन को सूचित करने का आग्रह किया गया है. यह भी पढ़ें : प्रधानमंत्री की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर : योगी

मनीष एक सप्ताह से ऑफिस नहीं पहुंचे थे. वह छुट्टी पर थे और गुरुवार को वापस ड्यूटी पर लौटना था. जब उन्होंने कॉल का जवाब नहीं दिया तो सहकर्मी घर पहुंचे. यहां मनीष और उनकी बहन के शव फंदे पर लटके मिले थे. बाद में उनकी मां शकुंतला का शव बिस्तर पर पड़ा मिला. केरल पुलिस की जांच टीम ने जब घर का दरवाजा तोड़ा तो देखा कि मां का शव सफेद कपड़े में लिपटा हुआ था और उसके दोनों ओर फूल रखे हुए थे.

मनीष और शालिनी दोनों ही अविवाहित थे और पुलिस को केवल हिंदी में लिखा एक सुसाइड नोट ही मिल सका, जिसमें कहा गया था कि उनकी बहन, जो विदेश में है, को सूचित किया जाए. केरल पुलिस अधिकारियों ने अब तक झारखंड पुलिस के साथ संपर्क स्थापित कर लिया है और वे वहां से पुलिस अधिकारियों की एक टीम के आने की उम्मीद कर रहे हैं. मनीष अग्रवाल 2011 आईआरएस बैच के थे और यहां जीएसटी आयुक्त कार्यालय में शीर्ष अधिकारी थे. उनकी बहन शालिनी पिछले कुछ महीनों से अपने भाई और मां के साथ रह रही थी.

जांच दल को संदेह है कि मां की मौत पहले हुई होगी और हो सकता है कि उनकी हत्या की गई हो. पुलिस भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. यह परिवार पिछले डेढ़ साल से इस क्वार्टर में रह रहा था और पड़ोसियों से वो सीमित संपर्क रखते थे. पड़ोसियों ने बताया कि मनीष की मां ही कभी-कभी बाहर दिखाई देती थी. थ्रिक्काकरा पुलिस ने अप्राकृतिक मौत के लिए प्राथमिकी दर्ज कर ली है. संदिग्ध आत्महत्या का कारण अभी तक अज्ञात है. फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल की जांच की है. फिलहाल विस्तृत जांच चल रही है.

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