कर्नाटक में पेरासिटामोल सहित 15 दवाइयों पर बैन, कई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स पर भी प्रतिबंध
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कर्नाटक राज्य खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण विभाग ने 15 दवाइयों और कॉस्मेटिक उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है. इन उत्पादों को हाल ही में किए गए टेस्ट में असुरक्षित (Unsafe) पाया गया है. इनमें मायसूरु में बनी आम उपयोग वाली पेरासिटामोल टैबलेट Pomol-650 भी शामिल है. राज्य स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत काम करने वाले इस विभाग ने मई 2025 में कई दवाइयों और प्रोडक्ट्स के सैंपल टेस्ट किए थे. टेस्ट फेल होने के बाद एक सर्कुलर जारी कर इन सभी उत्पादों को तुरंत प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया गया है. सर्कुलर में डॉक्टरों, फार्मेसियों और आम जनता से अपील की गई है कि इन दवाइयों का उपयोग और वितरण तुरंत रोका जाए. विभाग ने चेतावनी दी है कि ये प्रोडक्ट्स जनता के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं.

इन दवाइयों के निर्माताओं से जवाब मांगा गया है और अगली जांच पूरी होने तक इन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. यदि ये कंपनियां गुणवत्ता में सुधार नहीं करतीं, तो उनके लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं.

बैन की गई प्रमुख दवाइयां

  • Pomol-650 (Paracetamol Tablet) – Aban Pharmaceuticals Pvt. Ltd., Mysuru
  • O Shanti Gold Class Kumkum – N Ranga Rao & Sons Pvt. Ltd., Mysuru
  • Compound Sodium Lactate Injection IP – Ultra Laboratories और Tom Bron Pharmaceuticals
  • Mitu Q7 Syrup – Bion Therapeutics
  • Pantocot-DSR Capsules – Svefn Pharmaceuticals
  • Sodium Chloride Injection IP 0.9% w/v – Puniska Injectables Pvt. Ltd.
  • Glimiz-2 (Glimepiride Tablets)
  • Iron Sucrose Injection (Irogain)
  • Pyracid-O Suspension
  • Sterile Diluents for Poultry Vaccines – Safe Parenterals Pvt. Ltd.

Pomol-650 जैसी पेरासिटामोल दवा का इस्तेमाल बुखार और दर्द में बड़े पैमाने पर होता है. टेस्ट फेल होना आम लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा है. यह मामला दिखाता है कि फार्मा इंडस्ट्री में गुणवत्ता नियंत्रण कितना जरूरी है.