दक्षिण चीन सागर में भारतीय नौसेना का प्रभाव बढ़ाने के लिए INS Sahyadri का मलेशिया दौरा, क्षेत्र में भारत की रणनीतिक बढ़त

भारतीय नौसेना का आधुनिक युद्धक क्षमताओं से लैस स्वदेशी जहाज आईएनएस सह्याद्रि पूर्वी बेड़े की दक्षिण चीन सागर और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में परिचालन तैनाती के तहत 02 अक्टूबर, 2025 को मलेशिया के केमामन बंदरगाह पहुंचा

(Photo Credits PIB)

मुंबई: भारतीय नौसेना (Indian Navy) का आधुनिक युद्धक क्षमताओं से लैस स्वदेशी जहाज आईएनएस सह्याद्रि (INS Sahyadri) पूर्वी बेड़े की दक्षिण चीन सागर और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में परिचालन तैनाती के तहत 02 अक्टूबर, 2025 को मलेशिया के केमामन बंदरगाह पहुंचा. रॉयल मलेशियाई नौसेना ने जहाज का गर्मजोशी और सम्मान के साथ स्वागत किया, जिससे दोनों देशों के बीच स्थायी सांस्कृतिक संबंधों एवं साझा समुद्री विरासत का उत्सव मनाया गया.

आईएनएस सह्याद्रि शिवालिक श्रेणी के गाइडेड मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट्स का तीसरा जहाज है, जो स्वदेशी रूप से तैयार और निर्मित किया गया है. यह साल 2012 में भारतीय नौसेना में शामिल हुआ था। यह युद्धपोत ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल की भावना का उत्कृष्ट प्रतीक है और अब तक कई द्विपक्षीय व बहुपक्षीय समुद्री अभ्यासों तथा महत्वपूर्ण परिचालन तैनातियों में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज करा चुका है. यह भी पढ़े: Navy Day 2024: भारतीय नौसेना के शौर्य और बहादुरी की झलक, इंडियन नेवी ने जारी किया वीडियो

आईएनएस सह्याद्रि की यह मलेशिया की तीसरी यात्रा है। इससे पहले, इस जहाज ने 2016 में सद्भावना मिशन के तहत पोर्ट क्लैंग का दौरा किया था, जबकि 2019 में कोटा किनाबालु में आयोजित अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण’ में भाग लिया था। ये यात्राएं भारत और मलेशिया के बीच सशक्त व विकसित होते तथा परस्पर विश्वास पर आधारित नौसैन्य संबंधों को रेखांकित करती हैं.

दक्षिण चीन सागर और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईएनएस सह्याद्रि की चल रही परिचालन तैनाती भारत की इस क्षेत्र में एक जिम्मेदार समुद्री हितधारक और विश्वसनीय सुरक्षा साझेदार के रूप में प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करती है. केमामन बंदरगाह पर जहाज का आगमन भारत व मलेशिया के बीच समुद्री सैन्य सहयोग को और गहरा करने, दोनों नौसेनाओं की अंतर-संचालन क्षमता को सशक्त बनाने तथा सर्वोत्तम नौसैनिक कार्य प्रणालियों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया है.

तीन दिवसीय यात्रा के दौरान, जहाज के कमांडिंग ऑफिसर ने रॉयल मलेशियाई नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने नौसेना क्षेत्र के उप कमांडर, प्रथम एडमिरल अब्द हलीम बिन कमरुद्दीन से भी सौहार्दपूर्ण मुलाकात की, जिससे दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ तथा सहयोग को और प्रगाढ़ करने का अवसर मिला.

इस यात्रा के दौरान व्यावसायिक आदान-प्रदान, भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना (आरएमएन) अधिकारियों के बीच आपसी दौरे तथा प्रशिक्षण सत्र के साथ ही दोनों नौसेनाओं के बीच मैत्रीपूर्ण खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं. इसके अतिरिक्त, आईएनएस सह्याद्रि के चालक दल ने शहर भ्रमण और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय संस्कृति का अनुभव भी किया.

चालक दल ने एक योग सत्र और परोपकारी (चैरिटी) कार्यक्रम का भी आयोजन किया, जो स्वास्थ्य, करुणा तथा भारत-मलेशिया मैत्री को सशक्त बनाने के लिए भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

भारत और मलेशिया के बीच समृद्ध, बहुआयामी एवं ऐतिहासिक संबंध हैं, जो सदियों से चले आ रहे गहरे सांस्कृतिक, सामाजिक व आर्थिक जुड़ाव से समृद्ध हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र के बढ़ते भू-राजनीतिक महत्व के संदर्भ में, दोनों देशों ने पारस्परिक हितों पर आधारित क्षेत्रीय साझेदारियों के निर्माण की आवश्यकता को समय रहते पहचाना है। भारत की ‘महासागर पहल’ और आसियान के हिंद-प्रशांत परिदृश्य (एओआईपी) के साथ मलेशिया की सक्रिय भागीदारी, समुद्री सहयोग तथा रणनीतिक तालमेल के माध्यम से दोनों देशों के लिए साझा समृद्धि एवं स्थिरता का मार्ग प्रशस्त करती है.

द्विवार्षिक लीमा प्रदर्शनी और मिलन अभ्यासों के माध्यम से भारत तथा मलेशिया की नौसेनाओं के बीच संपर्क पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। भारतीय नौसेना व रॉयल मलेशियाई नौसेना (आरएमएन) के बीच 2024 में आयोजित फील्ड प्रशिक्षण अभ्यास (एफटीएक्स) ‘समुद्र लक्ष्मण’ के तीसरे संस्करण का सफल समापन, इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, परस्पर विश्वास और सहयोग को सुदृढ़ करने के प्रति दोनों देशों की दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है.

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