Maharashtra Civic Election Result 2026: महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति के सबसे बड़े 'महा-मुकाबले' के नतीजे आज सामने आ रहे हैं. राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को हुए मतदान के बाद आज, 16 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो गई है. शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है. अब तक के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई (BMC), ठाणे और पुणे जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली 'महायुति' अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रही है.
मुंबई (BMC): ठाकरे के गढ़ में महायुति की सेंध
देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, बीएमसी की 227 सीटों पर सबकी नजरें टिकी हैं. शुरुआती रुझानों में भाजपा 30 से अधिक वार्डों में आगे चल रही है, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) 25 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. यह पहली बार है जब शिवसेना के दो फाड़ होने के बाद मुंबई की जनता अपना फैसला सुना रही है. राज ठाकरे की मनसे (MNS) भी कुछ सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाती दिख रही है. यह भी पढ़े: Maharashtra Civic Polls Exit Poll Results 2026: BMC समेत महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में किसका होगा राज? News 18 मराठी पर जानें एग्जिट पोल के रुझान
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ठाणे और पुणे: शिंदे और भाजपा का दबदबा
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गृहक्षेत्र ठाणे में महायुति ने मजबूत पकड़ बनाई है. ठाणे की 131 सीटों में से शुरुआती रुझानों में शिंदे गुट और भाजपा का गठबंधन आधे से ज्यादा सीटों पर आगे है. वहीं पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में भी भाजपा ने बढ़त बना ली है. पुणे में महायुति के नेता चंद्रकांत पाटिल ने दावा किया है कि राज्य के अधिकांश नगर निगमों में उनके ही महापौर बनेंगे.
चुनाव के मुख्य आंकड़े और सुरक्षा
इस बार 29 महानगरपालिकाओं की कुल 2,869 सीटों के लिए मतगणना हो रही है, जिसमें 15,931 उम्मीदवारों की साख दांव पर है.
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मतदान प्रतिशत: राज्य भर में लगभग 46% से 50% मतदान दर्ज किया गया था.
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सुरक्षा व्यवस्था: मतगणना केंद्रों पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रखी जा रही है.
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विपक्षी गठबंधन: महाविकास आघाड़ी (MVA) के कुछ उम्मीदवार कोल्हापुर और अकोला जैसे क्षेत्रों में कड़ी टक्कर दे रहे हैं.
राजनीतिक महत्व और साख की लड़ाई
यह चुनाव मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के लिए उनके पिछले दो वर्षों के कामकाज पर जनता की मुहर की तरह है. दूसरी ओर, शिवसेना (UBT) के लिए यह अपनी विरासत बचाने की जंग है. जानकारों का मानना है कि इन नतीजों का सीधा असर आने वाले समय में राज्य की बड़ी राजनीति पर पड़ेगा. मीरा-भायंदर जैसे कुछ केंद्रों पर तकनीकी कारणों से गिनती थोड़ी देरी से शुरू हुई है, लेकिन दोपहर 2 बजे तक अधिकांश सीटों की स्थिति साफ होने की उम्मीद है.













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