Pune Metro Line 3: पुणे में हिंजवड़ी-शिवाजीनगर मेट्रो कब होगी शुरू? जानें पहले चरण की संभावित लॉन्च डेट!

पुणे मेट्रो लाइन 3 (हिंजवड़ी से शिवाजीनगर) के पहले चरण का उद्घाटन सितंबर 2026 के मध्य तक होने की संभावना है. मान से बालेवाड़ी (आरके लक्ष्मण म्यूजियम) तक 12 स्टेशनों वाले 13 किलोमीटर लंबे मार्ग को सीएमआरएस से सुरक्षा मंजूरी मिल चुकी है और अब केवल आधिकारिक उद्घाटन की तारीख का इंतजार है.

(Photo Credits WC)

Pune Metro Line 3:  पुणे के आईटी हब हिंजवड़ी को शहर के मध्य क्षेत्र शिवाजीनगर से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित 'पुणे मेट्रो लाइन 3' (रेड लाइन) का पहला चरण जल्द ही यात्रियों के लिए खुलने जा रहा है. पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) के अधिकारियों के अनुसार, सितंबर 2026 के पहले या दूसरे सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका वर्चुअल उद्घाटन किए जाने की प्रबल संभावना है.

वर्तमान में मान (Maan) से बालेवाड़ी (आर. के. लक्ष्मण म्यूजियम) तक का 13 किलोमीटर लंबा पहला चरण, जिसमें 12 स्टेशन शामिल हैं, पूरी तरह बनकर तैयार है. सुरक्षा जांच के बाद इसे पहले ही CMRS (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी) से हरी झंडी मिल चुकी है.  यह भी पढ़े:  Pune Metro Line 3 Update: पुणे के हिंजवड़ी-शिवाजीनगर रूट पर कब शुरू होगी सेवा? जानें ताजा अपडेट और उद्घाटन से जुड़ी डिटेल्स

पहले चरण में कौन से स्टेशन होंगे शामिल?

पुणे मेट्रो लाइन 3 के पहले चरण की शुरुआत मान डिपो से होगी. शुरुआती दौर में मान, हिंजवड़ी के विभिन्न फेज, वाकड चौक और बालेवाड़ी स्टेडियम जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू की जाएगी.

यह 13 किलोमीटर का कॉरिडोर मुख्य रूप से आईटी पेशेवरों और दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत देगा, जो लंबे समय से राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क (हिंजवड़ी) मार्ग पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से परेशान रहे हैं.

शिवाजीनगर तक का पूरा रूट कब तक होगा चालू?

पूरा हिंजवड़ी-शिवाजीनगर कॉरिडोर 23.3 किलोमीटर लंबा है, जिसमें कुल 23 स्टेशन बनाए जा रहे हैं. PMRDA और डेवलपर (टाटा-सीमेंस जॉइंट वेंचर) अगले 5 स्टेशनों (सकाल नगर, यूनिवर्सिटी, आरबीआई आदि) की सुरक्षा जांच के लिए जल्द ही CMRS के पास दस्तावेज जमा करने वाले हैं.

संभावित समयसीमा के अनुसार:

PPP मॉडल पर आधारित परियोजना

पुणे मेट्रो लाइन 3 देश की चुनिंदा मेट्रो परियोजनाओं में से एक है, जिसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जा रहा है. लगभग 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रही इस लाइन में 3 कोच वाली आधुनिक एल्युमिनियम मेट्रो ट्रेनें चलेंगी, जिनकी अधिकतम परिचालन गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा होगी.

इसके पूरी तरह शुरू होने से रोजाना करीब 2.5 लाख से अधिक यात्री सुगम और प्रदूषण मुक्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगे. राज्य सरकार और PMRDA से अंतिम तारीख की घोषणा होते ही वाणिज्यिक ट्रेन सेवाएं आम जनता के लिए खोल दी जाएंगी.

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