Pune Fire Safety: पुणे में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पर PMC की बड़ी कार्रवाई, 20 से अधिक PG, हॉस्टल और कबाड़ गोदामों को बंद करने का नोटिस
शहर में आगजनी की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए पुणे फायर ब्रिगेड ने पेइंग गेस्ट (पीजी), हॉस्टल और कबाड़ (भंगार) की दुकानों और गोदामों में अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) का निरीक्षण तेज कर दिया है.
Pune Fire Safety: शहर में आगजनी की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए पुणे फायर ब्रिगेड ने पेइंग गेस्ट (पीजी), हॉस्टल और कबाड़ (भंगार) की दुकानों और गोदामों में अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) का निरीक्षण तेज कर दिया है. पुणे महानगर पालिका (PMC) के आयुक्त नवल किशोर राम के सख्त निर्देशों के बाद, यह निरीक्षण अभियान रविवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा.
अग्निशमन विभाग की सख्त कार्रवाई
मुख्य अग्निशमन अधिकारी गणेश सोनुने, अग्निशमन अधिकारी प्रभाकर उम्राटकर और निर्माण विभाग के अभियंता विश्वजीत वाघमोडे के नेतृत्व में यह जांच की गई. इस दौरान आग से बचाव की व्यवस्था, निर्माण संबंधी अनुमतियों और अन्य नियमों के पालन पर विशेष ध्यान दिया गया. अधिकारियों ने पाया कि कई कबाड़ की दुकानें, गोदाम और प्रोसेसिंग यूनिट बिना पर्याप्त अग्निशमन उपकरणों, उचित बिजली व्यवस्था और निर्माण अनुमतियों के संचालित हो रहे थे. यह भी पढ़े: मुंबई की आज की बड़ी खबरें: IIT छात्र की मौत, लालबाग हादसा और महाराष्ट्र में जल संकट सहित हर अपडेट यहां पढ़ें
खतरे में स्थानीय लोगों की जान
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन प्रतिष्ठानों में प्लास्टिक, कागज, स्टील, लोहे का कबाड़ और बोरियों जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री का भारी भंडार जमा था. इनमें से कई इकाइयां रिहायशी इलाकों में टिन शेड के नीचे चल रही थीं, जिससे आग लगने की स्थिति में स्थानीय निवासियों की जान को बड़ा खतरा हो सकता था. इसे गंभीरता से लेते हुए, प्रशासन ने संबंधित प्रतिष्ठानों को तुरंत बंद करने और काम फिर से शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमति प्राप्त करने का निर्देश दिया है.
20 प्रतिष्ठानों को बंद करने का आदेश
रविवार को धायरी, नऱ्हे और वडगांव बुद्रुक इलाके में 13 पीजी और सात कबाड़ की दुकानों और गोदामों का निरीक्षण किया गया. इन सभी 20 प्रतिष्ठानों के पास बीडीपी (BDP) जोन के नियमों का पालन, संकरी सड़कों से पर्याप्त पहुंच, अग्नि सुरक्षा प्रणाली, अधिकृत बिजली कनेक्शन, जल निकासी और संपत्ति कर से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नहीं थे. इन गंभीर कमियों के चलते सभी 20 प्रतिष्ठानों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं. इसके अलावा, अधिकारियों ने पाया कि कई प्रतिष्ठान किराए की जगहों से बिना किसी उचित निगरानी या नियंत्रण के चलाए जा रहे थे.
प्रशासन की कड़ी चेतावनी
महानगर पालिका आयुक्त नवल किशोर राम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बिना अनुमति और लाइसेंस के चलने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें तुरंत सील किया जाए. नागरिक प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपायों और अनुमतियों के बिना काम करने वाले प्रतिष्ठानों को सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. फायर ब्रिगेड का यह निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 21, 2026 02:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

