PF Pension Alert: EPS-95 पेंशनधारक बिना सेंटर जाए ऐसे जमा करें लाइफ सर्टिफिकेट, जानें प्रक्रिया

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने EPS-95 के तहत पेंशनभोगियों के लिए डाक विभाग के माध्यम से मुफ्त डोरस्टेप जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा शुरू की है. इससे बुजुर्ग और अस्वस्थ पेंशनर्स को घर बैठे राहत मिलेगी.

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PF Pension Alert: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कर्मचारी पेंशन योजना-1995 (EPS-95) के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है. अब जो पेंशनभोगी शारीरिक अस्वस्थता या अन्य कारणों से अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करने में असमर्थ हैं, वे डाक विभाग के माध्यम से घर पर ही इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. ईपीएफओ के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र लाभार्थी की मासिक पेंशन प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए.

क्या है ईपीएफओ की नई डोरस्टेप सेवा?

ईपीएफओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि जो पेंशनभोगी केंद्र पर जाने में असमर्थ हैं, वे केवल एक फोन कॉल के जरिए इस सेवा का लाभ ले सकते हैं. संगठन ने इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर 033-22029000 जारी किया है. इस नंबर पर कॉल करने के बाद डाक विभाग का एक कर्मचारी पेंशनभोगी के घर जाएगा और जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को पूरी तरह से मुफ्त में संपन्न कराएगा. यह सेवा विशेष रूप से बुजुर्गों, चलने-फिरने में असमर्थ या बिस्तर पर पड़े मरीजों के लिए बेहद मददगार साबित होगी.  यह भी पढ़े:  दिवाली से पहले मिलेगी खुशखबरी! EPFO Pension में हो सकती है बढोत्तरी, ₹1000 से बढ़ाकर ₹2500 करने की चर्चा तेज

वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र और समय सीमा

EPS-95 के नियमों के तहत, प्रत्येक पेंशनभोगी को अपनी पेंशन निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए वर्ष में एक बार जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होता है. पेंशनभोगियों को अपने पिछले सबमिशन की तारीख से एक वर्ष के भीतर इसे अपडेट करना होता है. समय पर इसे जमा न करने की स्थिति में मासिक पेंशन के भुगतान में देरी या रुकावट आ सकती है. डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए पेंशनभोगी 'जीवन प्रमाण' (Jeevan Pramaan) नाम से लोकप्रिय डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) भी जमा कर सकते हैं.

क्या है 'जीवन प्रमाण' और कैसे करता है काम?

जीवन प्रमाण एक आधार-आधारित, बायोमेट्रिक-सक्षम डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र है. यह पेंशनभोगियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से अपने जीवित होने का सत्यापन करने की अनुमति देता है. इस प्रक्रिया में लाभार्थी के आधार नंबर और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का उपयोग किया जाता है. एक बार सर्टिफिकेट जेनरेट होने के बाद, पेंशनभोगी अपने प्रमाण आईडी (Praman ID) का उपयोग करके लॉग इन कर सकते हैं, वन-टाइम पासवर्ड (OTP) जेनरेट कर सकते हैं और सिस्टम से अपना प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकते हैं. इस डिजिटल व्यवस्था से पेंशन कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता काफी कम हो गई है.

EPS-95 के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन

वर्तमान में कर्मचारी पेंशन योजना-1995 के तहत पात्र लाभार्थियों के लिए न्यूनतम पेंशन राशि 1,000 रुपये प्रति माह निर्धारित है. यह न्यूनतम सीमा विधवा, विधुर, नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) और आश्रित माता-पिता जैसे लाभार्थियों पर भी समान रूप से लागू होती है. इसके अतिरिक्त, योजना के नियमों के अनुसार बच्चों को न्यूनतम 250 रुपये प्रति माह और अनाथ पेंशन लाभार्थियों को न्यूनतम 750 रुपये प्रति माह की पेंशन राशि दी जाती है.

कैसे तय होता है ईपीएस का योगदान?

यह योजना उन प्रतिष्ठानों के पात्र कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है जहां 20 या अधिक कर्मचारी काम करते हैं और नौकरी की शुरुआत के समय जिनका मूल वेतन 15,000 रुपये प्रति माह तक होता है. ईपीएफओ के माध्यम से हर महीने इस योजना में एक निश्चित हिस्सा जमा किया जाता है. इसकी गणना कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) के 8.33% के रूप में की जाती है, जिसमें अधिकतम मासिक योगदान की सीमा 1,250 रुपये तय है.

क्यों जरूरी है यह वार्षिक सत्यापन?

वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र इस बात का कानूनी प्रमाण होता है कि पेंशनभोगी जीवित है और पेंशन लाभ प्राप्त करने का हकदार है. यह वार्षिक सत्यापन प्रक्रिया धोखाधड़ी या गलत तरीके से धन की निकासी को रोकने में मदद करती है. डिजिटल और डोरस्टेप सबमिशन के इन विकल्पों के माध्यम से, ईपीएफओ का लक्ष्य पेंशनभोगियों के लिए नियमों का पालन आसान बनाना और उनकी वित्तीय सुरक्षा को बनाए रखना है.

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