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मध्यप्रदेश: सीएम कमलनाथ का बीजेपी पर बड़ा हमला, हिंदू धर्म को खतरे में बताकर भावनाएं भड़काने का लगाया आरोप

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को यहां भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वोट पाने के लिए भाजपा भावनाओं को भड़काती है और कहा जाता है कि 'हिंदू धर्म खतरे में है'

मध्यप्रदेश: सीएम कमलनाथ का बीजेपी पर बड़ा हमला, हिंदू धर्म को खतरे में बताकर भावनाएं भड़काने का लगाया आरोप
सीएम कमलनाथ (फाइल फोटो )

भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamal Nath) ने बुधवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वोट पाने के लिए भाजपा भावनाओं को भड़काती है और कहा जाता है कि 'हिंदू धर्म खतरे में है'. राज्य की झाबुआ विधानसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार कांतिलाल भूरिया के समर्थन में आयोजित रोड शो में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हिस्सा लिया और उसके बाद एक जनसभा को संबोधित किया। कमलनाथ ने कहा, "भाजपा ने जो काम 15 सालों में नहीं किए, वह काम कांग्रेस की सरकार 15 माह में कर दिखाएगी. बीते आठ माह इस बात की गवाही देते हैं। चुनाव से पहले जो वादे किए गए, चाहे किसान कर्जमाफी हो, सामाजिक सुरक्षा पेंशन हो, सभी को पूरा किया गया."

उन्होंने आगे कहा, "भाजपा का काम सिर्फ झूठ बोलना है. इनका तो मुंह बहुत चलता है। सिर्फ बोलते जाएंगे, गुमराह करते जाएंगे। भावनाएं बहाएंगे और कहेंगे कि हिदू धर्म खतरे में है और आगे कुछ नहीं बताएंगें.  यह इनकी ध्यान मोड़ने की राजनीति है. वे सच्चाई से आपका ध्यान मोड़ना चाहते हैं. कमलनाथ ने कांग्रेस की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा, "कांग्रेस वह पार्टी है, जो गरीब और कमजोर वर्ग के बारे में सोचती है. जबकि भाजपा ऐसी पार्टी है, जो बड़े व्यापारियों के लिए सोचती है. यह भी पढ़े: मध्यप्रदेश: सीएम कमलनाथ ने बीजेपी पर साधा निशाना, कहा- पार्टी के शासनकाल में फाइलों में दबी थी मेट्रो की डीपीआर, हमने शुरू कराया

यही कारण है कि भाजपा का बड़ा झंडा बड़े कारोबारी, व्यापारी या बड़े आदमी के घर नजर आएगा. दोनों ही दलों की सोच में अंतर है. राजधानी मुख्यालय से लगभग 400 किलोमीटर दूर आदिवासी बाहुल्य जिले की स्थिति का जिक्र करते हुए कमलनाथ ने कहा कि वह इस क्षेत्र का छिंदवाड़ा जैसा विकास करना चाहते हैं, और इसके लिए उन्हें अवसर चाहिए. भाजपा के 15 सालों के राज्य के शासन पर कमलनाथ ने कहा, "जब केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार थी तब राज्य सरकार से विभिन्न योजनाओं और विकास के लिए केंद्र से धनराशि ले जाने को कहा जाता था। मगर तत्कालीन राज्य सरकार धनराशि नहीं लाती थी.

जब भाजपा के नेता प्रचार करने आए तो उनसे 15 सालों के विकास का हिसाब जरूर मांगना. ज्ञात हो कि झाबुआ में 21 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए मतदान होना है। कांग्रेस ने यहां से पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया को उम्मीदवार बनाया है। वहीं भाजपा ने भानु भूरिया को मैदान में उतारा है। यहां के विधायक रहे जी. एस. डामोर के सांसद निर्वाचित होने पर यहां उपचुनाव हो रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 09, 2019 06:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).