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Ladki Bahin Yojana Update: e-KYC के बाद 1.88 करोड़ महिलाएं पात्र, मार्च और अप्रैल की किस्त जल्द जारी होने की संभावना

महाराष्ट्र में 'लाडकी बहिण योजना' के तहत e-KYC सुधार की अवधि समाप्त होने के बाद 1.88 करोड़ महिलाएं पात्र पाई गई हैं. सरकार जल्द ही मार्च और अप्रैल महीने की रुकी हुई किस्तें जारी करने वाली है.

Ladki Bahin Yojana Update: e-KYC के बाद 1.88 करोड़ महिलाएं पात्र, मार्च और अप्रैल की किस्त जल्द जारी होने की संभावना
Ladli-Bahin.

 Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'माझी लाडकी बहिण योजना' को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. e-KYC सुधार के लिए दी गई 30 अप्रैल की समय सीमा समाप्त होने के बाद, अब राज्य में कुल 1.88 करोड़ महिलाएं इस योजना के लिए पात्र पाई गई हैं. महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पात्र लाभार्थियों को मार्च और अप्रैल महीने की लंबित किस्तें जल्द ही वितरित की जाएंगी. वित्त विभाग से फंड मिलते ही यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी.

लाभार्थियों की संख्या में बदलाव

इससे पहले फरवरी महीने में लगभग 1.75 करोड़ महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला था. हालांकि, कुल 2.43 करोड़ आवेदनों में से लगभग 68 लाख खाते अनिवार्य e-KYC प्रक्रिया पूरी न करने के कारण स्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं. सरकार हर महीने पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जिसके लिए पहले लगभग 3,700 करोड़ रुपये का मासिक खर्च आता था. अब लाभार्थियों की संख्या घटने से इस बजट में कुछ कमी आने की संभावना है. यह भी पढ़े:  Ladki Bahin Yojana Update: लाडकी बहनों के लिए खुशखबरी! खाते में एक साथ 3 महीने के ₹4500 आ सकते हैं

बजट आवंटन में कटौती

राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट में इस योजना के लिए आवंटन घटाकर 26,000 करोड़ रुपये कर दिया है. पिछले वित्त वर्ष (2025-26) में यह आवंटन 36,000 करोड़ रुपये था. सरकार ने e-KYC की प्रक्रिया इसलिए अनिवार्य की थी क्योंकि ऐसी शिकायतें मिली थीं कि कुछ पुरुष सदस्य और सरकारी कर्मचारी भी गलत तरीके से इस योजना का लाभ उठा रहे थे.

तकनीकी गड़बड़ी और सुधार

e-KYC प्रक्रिया के दौरान एक गलत तरीके से पूछे गए सवाल (क्या आपके घर में कोई सरकारी नौकरी में नहीं है?) के कारण लगभग 24 लाख लाभार्थी गलत तरीके से 'सरकारी कर्मचारी' श्रेणी में वर्गीकृत हो गए थे. इसकी वजह से उनकी किस्तें रुक गई थीं. जांच के बाद इनमें से 20 लाख लाभार्थी सही पाए गए हैं, जबकि शेष की जांच जारी है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन अपात्र लोगों ने पहले लाभ लिया है, उनसे पैसे वापस नहीं लिए जाएंगे.

2024 में जारी हुई योजना

नवंबर 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई यह योजना महायुति सरकार की जीत का एक प्रमुख कारक मानी जाती है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बार-बार दोहराया है कि राज्य सरकार इस योजना को बंद नहीं करेगी. e-KYC के लिए समय सीमा को चार बार बढ़ाया गया था ताकि अधिक से अधिक वास्तविक लाभार्थियों को इसका लाभ मिल सके. अब डेटा फाइनल होने के बाद भुगतान प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2026 11:39 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).