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नेशनल स्पेस डे पर पीएम मोदी ने स्पेस स्टार्टअप्स को दिया बड़ा मंत्र, भारत को ग्लोबल स्पेस हब बनाने का किया आह्वान

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ऐसा माहौल तैयार करे, जहां दुनिया के विभिन्न देशों के वैज्ञानिक और प्रोफेशनल्स स्पेस सेक्टर में करियर बनाने के लिए यहां आना चाहें. उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में काम कर रहे कई भारतीय भी अब वापस लौटकर भारत में काम करने की इच्छा जता रहे हैं. ऐसे में भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स और एजेंसियां इस अवसर का लाभ उठा सकती हैं.

नेशनल स्पेस डे पर पीएम मोदी ने स्पेस स्टार्टअप्स को दिया बड़ा मंत्र, भारत को ग्लोबल स्पेस हब बनाने का किया आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के निजी स्पेस सेक्टर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने का आह्वान किया है. नेशनल स्पेस डे के अवसर पर 20 प्रमुख स्पेस स्टार्टअप्स के संस्थापकों और सीईओ के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत को दुनिया भर के स्पेस टैलेंट के लिए पसंदीदा केंद्र बनना चाहिए. उन्होंने देश की कम लागत, कुशल मानव संसाधन और बढ़ती नवाचार संस्कृति को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया. क्या ISRO अब रॉकेट और सैटेलाइट बनाना बंद कर देगा? जानिए क्या है पूरा मामला

दुनिया के टैलेंट को भारत लाने पर दिया जोर

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ऐसा माहौल तैयार करे, जहां दुनिया के विभिन्न देशों के वैज्ञानिक और प्रोफेशनल्स स्पेस सेक्टर में करियर बनाने के लिए यहां आना चाहें. उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में काम कर रहे कई भारतीय भी अब वापस लौटकर भारत में काम करने की इच्छा जता रहे हैं. ऐसे में भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स और एजेंसियां इस अवसर का लाभ उठा सकती हैं. उन्होंने कहा कि कम लागत और बेहतरीन प्रतिभा के दम पर भारत वैश्विक स्पेस इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है.

नीति में स्थिरता पर दिया भरोसा

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार स्पेस सेक्टर से जुड़े उद्यमियों को लगातार सहयोग देती रहेगी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी नीतियों में स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है ताकि निवेशकों और स्टार्टअप्स का भरोसा मजबूत रहे और वे नए जोखिम लेने के लिए प्रोत्साहित हों. पीएम मोदी ने कहा कि निजी कंपनियों ने सरकार की नीतियों पर भरोसा दिखाया है और सरकार भी इस विश्वास को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है.

स्टार्टअप्स ने लॉन्च क्षमता बढ़ाने की बताई योजना

बैठक के दौरान स्टार्टअप्स ने प्रधानमंत्री को अपनी प्रगति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी. स्काईरूट एयरोस्पेस ने बताया कि उसकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता हर महीने एक रॉकेट बनाने की है. कंपनी का लक्ष्य 2027 के मध्य तक हर महीने एक लॉन्च करना है. इसके बाद भविष्य में हर सप्ताह और फिर रोजाना कई लॉन्च करने की दिशा में काम किया जाएगा.

स्टार्टअप्स ने अगले 18 महीनों में वैश्विक ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क तैयार करने की योजना भी साझा की. एक अन्य स्टार्टअप ने बताया कि उसे पिछले एक महीने में आठ लॉन्च कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं, जिनमें अधिकांश विदेशी ग्राहकों के हैं.

स्पेस टेक्नोलॉजी के व्यापक इस्तेमाल पर जोर

पीएम मोदी ने स्टार्टअप्स से स्पेस टेक्नोलॉजी का उपयोग सिर्फ अंतरिक्ष मिशनों तक सीमित न रखने की अपील की. उन्होंने कृषि, पशुपालन, डेयरी, पर्यावरण निगरानी और आम लोगों के जीवन से जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी स्पेस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दिया. साथ ही विभिन्न सेक्टरों के बीच सहयोग बढ़ाने की भी बात कही.

20 प्रमुख स्पेस स्टार्टअप्स ने लिया हिस्सा

इस बैठक में स्काईरूट एयरोस्पेस, अग्निकुल कॉसमॉस, पिक्सल, ध्रुव स्पेस, गैलेक्सआई, पियरसाइट, बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस, डिजांतारा, सैटश्योर, सुहोरा टेक्नोलॉजीज, मनास्तु स्पेस, एस्ट्रोबेस, टेकमी2स्पेस, व्योमआईसी, कॉसमोसर्व स्पेस, ऑर्बिटएआईडी एयरोस्पेस, स्काईसर्व, सेरेंडिपिटी स्पेस, वासर लैब्स और मिस्टईओ सहित 20 प्रमुख भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स के प्रतिनिधि शामिल हुए.

यह बैठक 23 अगस्त को मनाए जाने वाले नेशनल स्पेस डे के अवसर पर आयोजित की गई. इसी दिन वर्ष 2023 में चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग कर भारत को ऐतिहासिक उपलब्धि दिलाई थी.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 23, 2026 05:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).