Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के आसपास सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त, AI की मदद से लोगों पर रखी जा रही नजर
इस वर्ष लाल किले की निगरानी प्रणाली को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है. लाल किले के अंदर और बाहरी इलाकों में 1,000 से अधिक आईपी सीसीटीवी (IP CCTV) कैमरे लगाए गए हैं, जो एआई (Artificial Intelligence) आधारित वीडियो एनालिटिक्स और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) से जुड़े हैं.
Independence Day 2026: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर राजधानी दिल्ली और विशेष रूप से ऐतिहासिक लाल किले पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने और राष्ट्र को संबोधित किए जाने के कार्यक्रम को देखते हुए पूरे लाल किला परिसर को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है. दिल्ली पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और विशेष आतंकवाद-रोधी दस्तों के हजारों जवानों को तैनात किया गया है.
20,000 जवान और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
लाल किले और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए लगभग 15,000 से 20,000 जवानों की तैनाती की गई है. सुरक्षा घेरे को कई चरणों में विभाजित किया गया है, जिसमें एनएसजी (NSG) कमांडो, स्वात (SWAT) टीमें, स्नाइपर्स और एसपीजी (SPG) के अधिकारी शामिल हैं. यह भी पढ़े: Independence Day 2026: भारत आज मना रहा है आज़ादी का 80वां स्वतंत्रता दिवस, यहां देखें PM मोदी का लाल किले से संबोधन LIVE
सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पहले से ही मॉक ड्रिल और अंतर-एजेंसी समन्वय बैठकें पूरी कर ली हैं.
AI वीडियो एनालिटिक्स और फेशियल रिकग्निशन तकनीक
इस वर्ष लाल किले की निगरानी प्रणाली को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है. लाल किले के अंदर और बाहरी इलाकों में 1,000 से अधिक आईपी सीसीटीवी (IP CCTV) कैमरे लगाए गए हैं, जो एआई (Artificial Intelligence) आधारित वीडियो एनालिटिक्स और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) से जुड़े हैं.
इन कैमरों के जरिए संदिग्ध व्यक्तियों, लावारिस वस्तुओं और भीड़ की गतिविधियों पर केंद्रीय कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा रही है.
एंटी-ड्रोन सिस्टम और नो-फ्लाई जोन
हवाई खतरों से निपटने के लिए लाल किले के आसपास एंटी-ड्रोन डिटेक्शन और प्रिवेंशन सिस्टम स्थापित किए गए हैं. दिल्ली पुलिस ने 15 अगस्त को लाल किले के आसपास किसी भी प्रकार की पतंगबाजी, पैरा-ग्लाइडिंग या ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है.
इसके अतिरिक्त, ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता की आवाजाही को सुगम बनाने और सुरक्षा जांच के दौरान कम से कम असुविधा सुनिश्चित करने के लिए विशेष मार्ग परिवर्तन (ट्रैफिक डाइवर्जन) योजना लागू की है.