Income Tax बचाने के 6 स्मार्ट तरीकें जरुर पढ़े, होगा बड़ा फायदा
बहुत से लोग Income Tax का नाम सुनते ही पैसे बचाने के बारे में सोचना शुरू कर देते है. हर व्यक्ति की चाहत होती है कि वह अपना अधिक से अधिक पैसा सही तरीके से बचाएं. जिससे अधिकारियों की नजर भी ना पड़े और उसकी कुल आय टैक्स भरने की सीमा से बाहर रहे.
Income Tax 2019: बहुत से लोग इनकम टैक्स का नाम सुनते ही पैसे बचाने के बारे में सोचना शुरू कर देते है. हर व्यक्ति की चाहत होती है कि वह अपना अधिक से अधिक पैसा सही तरीके से बचाएं. जिससे अधिकारियों की नजर भी ना पड़े और उसकी कुल आय टैक्स भरने की सीमा से बाहर रहे. कई बार पैसे बचाने के चक्कर में लोग टैक्स चोरी करने लगते है जो कि क़ानून जुर्म है. अगर आप इस अपराध से बचना चाहते है और साथ ही पैसे भी बचाना चाहते हो तो पहले से टैक्स प्लानिंग करना बेहद जरुरी है. तो हम आपको कुछ ऐसे ही आसान टिप्स और विकल्पों के बारे बताने जा रहें हैं.
बच्चों की पढाई से बचाए पैसे-
बच्चों की पढ़ाई पर होने वाले खर्च का लाभ आपको टैक्स भरने के दौरान मिल सकता है. दरअसल सरकार दो बच्चों की पढ़ाई पर होने वाले खर्च पर टैक्स छुट देती है. हालांकि इसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपये है. इस छूट में प्राइवेट ट्यूशन या कोचिंग फीस, किताब, डोनेशन, एडमिशन फीस, वार्षिक शुल्क, डेवलपमेंट चार्ज आदि खर्च शामिल नहीं होते हैं. वहीं एजुकेशन लोन पर भी टैक्स छूट मिलती है.
ईपीएफ में निवेश-
कर छूट का लाभ ईपीएफ में निवेश करने पर भी प्राप्त होता है. आप किसी प्राइवेट या सरकारी कंपनी में काम करते हैं, तो वहां आपके सैलरी में से कुछ रकम काट कर आपके ईपीएफ खाते में डाली जाती है जो कि एक तरह का निवेश होता है. आपके वेतन से किये गये इस अनिवार्य निवेश की राशि भी कर क्षेत्र से बाहर है.
होम लोन से होगा फायदा-
अगर आपने अपने सपनों के घर के लिए लोन लिया है तो आपको कर में फायदा मिलेगा. दरअसल टैक्स छूट सेक्शन 24B के तहत घर के लिए अगर बैंक से लोन लिया गया है तो इसके लिए चुकाने वाले मासिक किस्त में कुल 2 लाख रुपये तक के ब्याज पर इनकम टैक्स से राहत मिलती है. इसके अलावा घर की मरम्मत आदि के लिए 30 हजार रुपये तक के लोन पर भी आपको इनकम टैक्स नहीं देना होगा. हालांकि लोन लेने की अवधि से पांच साल के भीतर उसका पूरा होना जरूरी है.
हेल्थ इंश्योरेंस से बचेगा पैसा-
हेल्थ इंश्योरेंस से आप हर साल करीब 55,000 रुपये तक के प्रीमियम पर टैक्स बचा सकते हैं. इसमें से आप खुद के मेडिकल इंश्योरेंस के प्रीमियम भुगतान पर प्रति वर्ष 25,000 रुपए जबकि पेरेंट्स के लिए मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम भुगतान पर 30,000 रुपए की छूट का दावा कर सकते है.
यातायात भत्ता-
आप प्रतिमाह 1,600 रुपए के यातायात भत्ते पर दावा कर सकते हैं. साल भर में इस तरह 19,200 रुपए पर टैक्स बचाया जा सकता है. यह भी पढ़े- मिडल क्लास को मिल सकती है बड़ी सौगात, 5 लाख रुपये तक की कमाई पर नहीं देना पड़ेगा इनकम टैक्स
RGESS योजना-
राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम (RGESS) में 50,000 रुपए तक के निवेश के लिए आपको 25,000 रुपए की कटौती मिल सकती है. 12 लाख से कम आय वाले नए निवेशकर्ता इस योजना का लाभ उठा सकते है.
गौरतलब हो कि वर्तमान समय में 2.5 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स नहीं लगता है. आयकर विभाग अभी 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक की इनकम पर 5 फीसदी टैक्स वसूलता है. जबकि 5-10 लाख रुपये तक की आय पर 20 फीसदी की दर से टैक्स वसूला जाता है. 10 लाख रुपये से अधिक की इनकम 30 फीसदी टैक्स के दायरे में आती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 17, 2019 04:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

