EPFO Updates: पीएफ निकालने या ट्रांसफर करने से पहले जरूर जांच लें ईपीएफओ अकाउंट की ये 8 जरूरी चीजें, नहीं तो अटक जाएगा पैसा

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्य अक्सर फंड निकालने या नौकरी बदलने के समय ही अपने पीएफ खाते पर ध्यान देते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, ईपीएफओ पोर्टल पर केवाईसी (KYC), सर्विस हिस्ट्री और व्यक्तिगत विवरणों में मामूली गलतियां भी आपके क्लेम को खारिज या विलंबित कर सकती हैं. पीएफ निकासी से पहले इन महत्वपूर्ण जानकारियों की जांच अवश्य कर लें.

ईपीएफओ (Photo Credits: Official Website)

नई दिल्ली, 17 जून: नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (Employees' Provident Fund) (EPF) रिटायरमेंट के बाद का एक बड़ा वित्तीय सहारा होती है. अमूमन देखा जाता है कि लोग अपने ईपीएफओ (EPFO) खाते की ओर तब तक ध्यान नहीं देते, जब तक कि उन्हें नौकरी बदलने के बाद बैलेंस ट्रांसफर करना हो या इमरजेंसी में फंड निकालना न हो. वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि पीएफ खाते में दर्ज विवरणों में विसंगतियां सालों तक अनजानी रह जाती हैं और वे केवल तब सामने आती हैं जब सदस्य अंतिम निकासी या ट्रांसफर के लिए क्लेम फाइल करता है. इसके कारण क्लेम खारिज हो जाता है और कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं. एडवांस में अपने खाते की समीक्षा करने से आप इन अंतिम समय की बाधाओं से बच सकते हैं. यह भी पढ़ें: EPFO 3.0 Upgrade: ईपीएफओ 3.0 से बदल जाएगा पीएफ निकालने का तरीका; अब UPI और ATM से भी निकाल सकेंगे पैसे, जानें नए नियम

क्लेम फाइल करने से पहले देखें अपनी सर्विस हिस्ट्री

यदि आपने अपने करियर में कई बार नौकरियां बदली हैं, तो सबसे पहले आपको ईपीएफओ पोर्टल पर अपनी 'सर्विस हिस्ट्री' (Service History) देखनी चाहिए. सदस्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पिछले सभी नियोक्ताओं (Employers) के खाते उनके यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से सही ढंग से जुड़े हुए हैं या नहीं.

सर्विस हिस्ट्री सेक्शन में हर उस कंपनी में काम शुरू करने (Joining) और छोड़ने (Exit) की तारीख प्रदर्शित होती है जहां आपने काम किया है. यदि इन तारीखों में कोई विसंगति है या कोई पुरानी कंपनी का विवरण गायब है, तो विड्रॉल और पेंशन से जुड़े दावों में बड़ी रुकावट आ सकती है.

केवाईसी (KYC) विवरण को करें सत्यापित

पीएफ लेनदेन में देरी या क्लेम रिजेक्ट होने के सबसे आम कारणों में 'नो योर कस्टमर' यानी केवाईसी (KYC) से जुड़ी खामियां शामिल हैं. सदस्यों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके आधिकारिक पहचान दस्तावेज, पैन (PAN) कार्ड और सक्रिय बैंक खाते की जानकारी ईपीएफओ पोर्टल पर सही ढंग से लिंक और अपडेटेड हो.

खाता संख्या में मामूली गलती, बंद हो चुके बैंक अकाउंट की जानकारी या अधूरी प्रोफाइल के कारण फंड ट्रांसफर और क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया बीच में ही लटक जाती है.

सिर्फ कुल बैलेंस नहीं, मासिक योगदान भी जांचें

ज्यादातर कर्मचारी केवल अपने कुल पीएफ बैलेंस (PF Balance) पर ही नजर रखते हैं. हालांकि, ईपीएफओ पासबुक (EPFO Passbook) के जरिए नियमित रूप से हर महीने जमा होने वाले योगदान की जांच करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.

पासबुक में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के हिस्से का विस्तृत ब्योरा होता है. नियमित ट्रैकिंग से यह समय रहते पता चल जाता है कि कंपनी आपकी सैलरी से पीएफ का पैसा काटकर उसे ईपीएफओ के पास समय पर जमा कर रही है या नहीं.

व्यक्तिगत विवरण और पीएफ ट्रांसफर की स्थिति देखें

नाम, जन्म तिथि और लिंग (Gender) जैसी व्यक्तिगत जानकारियों में स्पेलिंग की गलतियां अक्सर क्लेम सबमिट करते समय ही पकड़ में आती हैं. इन्हें आधिकारिक दस्तावेजों के अनुरूप पहले ही सुधरवा लेना चाहिए.

इसके साथ ही, जो लोग नौकरी बदल चुके हैं उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पुराने खातों का पैसा उनके वर्तमान ईपीएफ खाते में सफलतापूर्वक ट्रांसफर हो चुका हो. कई निष्क्रिय या डोर्मेंट (Dormant) पीएफ खाते बनाए रखने से भविष्य में फंड का प्रबंधन जटिल हो जाता है.

ई-नॉमिनेशन और यूएएन (UAN) को रखें अपडेटेड

विवाह, बच्चों के जन्म या पारिवारिक परिस्थितियों में बदलाव होने पर ईपीएफओ की 'ई-नॉमिनेशन' (e-Nomination) सुविधा के माध्यम से नॉमिनी की जानकारी को तुरंत अपडेट करना चाहिए. सही नॉमिनी विवरण होने से भविष्य में परिवार के सदस्यों के लिए क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया बेहद सरल हो जाती है.

इसके अलावा, यूएएन के साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर हमेशा सक्रिय होना चाहिए, क्योंकि पासबुक एक्सेस करने, क्लेम ट्रैक करने और प्रोफाइल अपडेट के लिए ओटीपी (OTP) इसी नंबर पर आता है.

शिकायतों के लिए ऑनलाइन ग्रीवांस पोर्टल का करें इस्तेमाल

यदि आपके खाते में कोई ऐसी समस्या है जो ऑनलाइन ठीक नहीं हो रही है, तो हर काम के लिए ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है. संगठन का ऑनलाइन ग्रीवांस मैनेजमेंट सिस्टम (EPFiGMS) सदस्यों को क्लेम में देरी, ट्रांसफर की समस्या या गलत रिकॉर्ड के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है, जहां आप अपनी शिकायत का स्टेटस भी ट्रैक कर सकते हैं. समय रहते ये छोटे सुधार कर लेने से जरूरत के वक्त आपका पैसा बिना किसी परेशानी के सीधे आपके बैंक खाते में आ जाता है.

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