EPFO 3.0 Upgrade: ईपीएफओ 3.0 से बदल जाएगा पीएफ निकालने का तरीका; अब UPI और ATM से भी निकाल सकेंगे पैसे, जानें नए नियम
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही अपना बड़ा डिजिटल अपग्रेड 'EPFO 3.0' लॉन्च करने जा रहा है. इस नए सिस्टम के तहत पीएफ सब्सक्राइबर्स यूपीआई (UPI) और एटीएम (ATM) के जरिए सीधे अपने बैंक खाते में पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे. इसके अलावा ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को भी बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है.
नई दिल्ली, 16 जून: देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees' Provident Fund Organisation) (EPFO) जल्द ही एक बड़ा डिजिटल अपग्रेड 'EPFO 3.0' लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है. इस नए सिस्टम का मुख्य उद्देश्य भविष्य निधि (PF) सेवाओं को अधिक तेज, कागज रहित (Paperless) और सुलभ बनाना है. इस अपग्रेड की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसके बाद सब्सक्राइबर्स यूपीआई (UPI) आधारित और एटीएम (ATM) सक्षम प्रणालियों के जरिए सीधे अपने लिंक किए गए बैंक खातों से पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे. हालांकि, इस सुविधा का तकनीकी परीक्षण (Testing) पूरा हो चुका है, लेकिन इसे अभी लाइव नहीं किया गया है और आधिकारिक लॉन्च की तारीख की घोषणा होनी बाकी है.
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने पुष्टि की है कि इस नए सिस्टम को जल्द ही रोलआउट किया जाएगा. ईपीएफओ का कहना है कि इस अपग्रेड से पारदर्शिता बढ़ेगी, कागजी कार्रवाई कम होगी और एक पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पीएफ सेवाओं तक पहुंच बेहद आसान हो जाएगी. यह भी पढ़ें: EPFO New Rules: ईपीएफओ का बड़ा फैसला, अब 'विशेष परिस्थितियों' में बिना कारण बताए निकाल सकेंगे 100% पीएफ का पैसा
कैसे काम करेगी UPI और ATM आधारित विड्रॉल सुविधा?
ईपीएफओ 3.0 के तहत प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, सब्सक्राइबर्स को अपने पीएफ खाते से पैसे निकालने के लिए लंबी प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना होगा. नई प्रक्रिया के तहत, सदस्य सबसे पहले अपनी पात्र विड्रॉल राशि (Eligible Balance) की जांच कर सकेंगे. इसके बाद वे जितनी राशि निकालना चाहते हैं उसका चयन करेंगे और अपने यूपीआई पिन (UPI PIN) के जरिए ट्रांजैक्शन को प्रमाणित (Authenticate) करेंगे.
पिन दर्ज करते ही पैसा सीधे उनके बैंक और पहचान-सत्यापित खाते में ट्रांसफर हो जाएगा. इस सुविधा के आने से पीएफ दावों के निपटारे में होने वाली देरी खत्म होगी और मौजूदा समय में लागू कई मैन्युअल प्रक्रियाओं की आवश्यकता नहीं रह जाएगी.
विड्रॉल की सीमा और पीएफ रिटेंशन के नए नियम
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, पात्र सब्सक्राइबर्स को शर्तों और पात्रता के आधार पर अपने कुल ईपीएफ (EPF) बैलेंस का 50% से 75% तक निकालने की अनुमति दी जा सकती है. हालांकि, कोई भी सदस्य अपने पीएफ खाते का पूरा पैसा एक बार में नहीं निकाल पाएगा.
ईपीएफओ की योजना के मुताबिक, सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद के वित्तीय बफर के रूप में खाते में कम से कम 25% बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य होगा. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह प्रस्तावित निकासी सुविधा केवल कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) हिस्से पर लागू होगी. कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत मिलने वाले पेंशन लाभ इससे अलग रहेंगे और उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
ऑटो-सेटलमेंट लिमिट बढ़ी, 3 दिन में मिल रहा पैसा
ईपीएफओ ने दावों के तेजी से निपटारे के लिए पहले ही कुछ बड़े कदम उठाए हैं, जिसके तहत ऑटो-सेटलमेंट (Auto-settlement) की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है. इसके चलते बीमारी के इलाज, शिक्षा, विवाह और आवास से जुड़े योग्य दावों को बहुत तेजी से प्रोसेस किया जा रहा है और कई मामलों में तो महज तीन दिनों के भीतर ही दावों का निपटारा हो रहा है.
इसके अतिरिक्त, ईपीएफओ 3.0 प्लेटफॉर्म के आने से कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी शुरू होंगी. इनमें उमंग (UMANG) ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा प्रमाणीकरण), आसान यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेशन, व्यक्तिगत विवरणों में ऑनलाइन सुधार, डिजिटल क्लेम सबमिशन और पासबुक तक त्वरित पहुंच शामिल हैं. सदस्यों को अब इस सुविधा के आधिकारिक रूप से लाइव होने का इंतजार है.