8th Pay Commission Update: 8वां वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार ने तय किए नियम और शर्तें, 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा लाभ
केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के नियम और शर्तों (Terms of Reference) को स्पष्ट कर दिया है. इससे 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा.
8th Pay Commission Update: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th CPC) के गठन और उसके कामकाज के दायरे को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत रूपरेखा के अनुसार, इस नए वेतन आयोग की सिफारिशों से देश के 1 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित होंगे. इनमें लगभग 50 लाख सक्रिय केंद्रीय कर्मचारी और करीब 65 लाख पेंशनभोगी शामिल हैं. इस दायरे में रक्षा (Defence) और रेलवे के कर्मचारी व सेवानिवृत्त लोग भी शामिल हैं. गौरतलब है कि केंद्रीय कर्मचारी और सशस्त्र बल के जवान भारत के कुल 60 करोड़ कार्यबल का लगभग 0.7 प्रतिशत और देश के औपचारिक क्षेत्र (Formal Sector) का करीब 9 प्रतिशत हिस्सा हैं.
क्या हैं 8वें वेतन आयोग के नियम और शर्तें (ToR)?
8वां वेतन आयोग एक अस्थायी निकाय के रूप में काम करेगा. इसमें एक अध्यक्ष, एक अंशकालिक सदस्य (Part-time Member) और एक सदस्य-सचिव (Member-Secretary) शामिल होंगे. आयोग को अपने गठन के 18 महीनों के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपने का निर्देश दिया गया है. हालांकि, यदि आवश्यकता होती है, तो आयोग अंतरिम रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर सकता है.
सिफारिशें तैयार करते समय आयोग को देश की आर्थिक स्थिति और वित्तीय अनुशासन (Fiscal Prudence) का विशेष ध्यान रखना होगा. इसके साथ ही विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित करने की आवश्यकता को भी ध्यान में रखा जाएगा. आयोग इस बात का भी अध्ययन करेगा कि उसकी सिफारिशों का राज्य सरकारों के खजाने पर क्या असर पड़ेगा, क्योंकि आमतौर पर राज्य सरकारें भी कुछ संशोधनों के साथ केंद्र के वेतन ढांचे को लागू करती हैं.
वेतन, भत्ते और इंसेंटिव में बदलाव की उम्मीद
आयोग को केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन (सैलरी स्ट्रक्चर और पे मैट्रिक्स), महंगाई भत्ता (DA), महंगाई राहत (DR), मकान किराया भत्ता (HRA) और नकद या अन्य रूपों में मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है.
इसके अलावा, सरकारी सेवाओं में बेहतरीन प्रतिभाओं को आकर्षित करने और कार्य संस्कृति में जवाबदेही व उत्पादकता बढ़ाने के लिए एक नया परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव मॉडल भी तैयार किया जाएगा. आयोग वर्तमान में मिल रहे विभिन्न प्रकार के भत्तों की संख्या को तर्कसंगत (Rationalise) बनाने पर भी काम करेगा ताकि व्यवस्था को सरल किया जा सके.
पेंशनभोगियों और नई पेंशन योजनाओं की समीक्षा
पेंशनभोगियों के लिए भी यह आयोग बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है. आयोग को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और हाल ही में घोषित एकीकृत पेंशन प्रणाली (UPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों की मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी (Death-cum-Retirement Gratuity) की समीक्षा करने के लिए कहा गया है. जो कर्मचारी एनपीएस या यूपीएस के दायरे में नहीं आते हैं, उनकी पेंशन और ग्रेच्युटी के लिए आयोग अलग से विशेष सिफारिशें तैयार करेगा.
किसे मिलेगा इस आयोग की सिफारिशों का लाभ?
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें विभिन्न सरकारी विभागों और सेवाओं में लागू होंगी. इसके मुख्य लाभार्थियों में निम्नलिखित श्रेणियां शामिल हैं:
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केंद्रीय सरकारी कर्मचारी (औद्योगिक और गैर-औद्योगिक दोनों)
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अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) के अधिकारी और कर्मी
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सशस्त्र सेनाओं (Defence Forces) के जवान और अधिकारी
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केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) के प्रशासनिक कर्मचारी
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भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग (IA&AD) के अधिकारी
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संसद के अधिनियमों के तहत गठित नियामक निकायों के सदस्य (RBI को छोड़कर)
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सुप्रीम कोर्ट और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले हाई कोर्ट के अधिकारी व कर्मचारी