8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़े इजाफे की तैयारी? 8वें वेतन आयोग के सामने यूनियनों ने रखीं ये बड़ी मांगें
8वें केंद्रीय वेतन आयोग की ओर से विभिन्न राज्यों में कर्मचारी संघों और हितधारकों के साथ विचार-विमर्श का सिलसिला जारी है. कर्मचारी संगठन फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी, वार्षिक इंक्रीमेंट और भत्तों के पुनरीक्षण की प्रमुख मांगें आयोग के समक्ष रख रहे हैं.
केंद्र सरकार के 49 लाख से अधिक सेवारत कर्मचारियों और लगभग 65 लाख पेंशनभोगियों के वेतन एवं पेंशन ढांचे में बदलाव को लेकर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की प्रक्रिया तेज हो गई है. आयोग द्वारा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर कर्मचारी यूनियनों, पेंशनभोगी संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ प्रत्यक्ष परामर्श बैठकें आयोजित की जा रही हैं.
इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों और संघों से उनकी आवश्यकताओं, महंगाई की स्थिति और वेतन संशोधन से जुड़े व्यावहारिक सुझावों को समझना है.
परामर्श बैठकों का कार्यक्रम और स्थल
आयोग देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में क्षेत्रीय स्तर पर बैठकों का आयोजन कर रहा है. हाल ही में चेन्नई और पुडुचेरी में कर्मचारी संगठनों के साथ महत्वपूर्ण चर्चाएं पूरी की गई हैं. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अगली बैठकें चंडीगढ़ में 16 से 18 सितंबर के दौरान आयोजित की जा रही हैं, जबकि इसके बाद आयोग 7 और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु का दौरा करेगा.
इन परामर्श सत्रों में केवल उन्हीं संगठनों और संघों को अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है जिन्होंने पूर्व-निर्धारित समयसीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर अपॉइंटमेंट सुनिश्चित किया था.
कर्मचारी यूनियनों की मुख्य मांगें
आयोग के समक्ष कर्मचारी संगठनों ने कई अहम प्रस्ताव रखे हैं:
उच्च फिटमेंट फैक्टर: 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था. वर्तमान में कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाकर 2.86 से लेकर 3.25 तक करने की मांग कर रहे हैं, जिससे न्यूनतम मूल वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके.
वार्षिक वेतन वृद्धि दर में सुधार: वर्तमान 3 प्रतिशत की वार्षिक वेतन वृद्धि दर को बढ़ाकर 5 से 7 प्रतिशत करने का सुझाव दिया गया है.
महंगाई भत्ते (DA) का मूल वेतन में विलय: कई संगठनों ने मांग की है कि महंगाई भत्ता 25 या 50 प्रतिशत की सीमा पार करने पर उसे नियमित अंतराल पर मूल वेतन में समाहित किया जाना चाहिए.
पेंशन और अन्य सुविधाएं: न्यूनतम पेंशन राशि में संशोधन, सेवानिवृत्ति के समय छुट्टी के बदले नकदीकरण (Leave Encashment) की सीमा बढ़ाने और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली जैसे मुद्दे भी विचार-विमर्श में शामिल हैं.
सिफारिशों और क्रियान्वयन की समयसीमा
8वें वेतन आयोग का गठन पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में किया गया था और इसे अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए आधिकारिक तौर पर 18 महीने का समय दिया गया है.
आयोग द्वारा सभी हितधारकों के सुझावों और वित्तीय प्रभावों के आकलन के बाद केंद्र सरकार को सिफारिशें सौंपी जाएंगी. जानकारों के अनुसार, सिफारिशें प्रस्तुत होने और केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद ही नए वेतनमान के वास्तविक क्रियान्वयन की तिथि और एरियर से जुड़ी प्रक्रिया स्पष्ट हो सकेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 15, 2026 10:41 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

