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पाकिस्तान की दहशतगर्दी रुकेगी तभी बहाल होगी सिंधु जल संधि, विदेश मंत्री एस जयशंकर की दो टूक

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 की सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को तब तक बहाल नहीं किया जाएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को पूरी तरह और विश्वसनीय रूप से बंद नहीं करता.

पाकिस्तान की दहशतगर्दी रुकेगी तभी बहाल होगी सिंधु जल संधि, विदेश मंत्री एस जयशंकर की दो टूक
S Jaishankar | ANI

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 की सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को तब तक बहाल नहीं किया जाएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को पूरी तरह और विश्वसनीय रूप से बंद नहीं करता. उन्होंने कहा, "संधि को निलंबित रखा गया है और तब तक रहेगा जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को छोड़ने की सच्ची और अटल मंशा नहीं दिखाता."

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जयशंकर ने कश्मीर मुद्दे पर भी सीधा संदेश दिया. उन्होंने कहा, "कश्मीर पर अब एक ही चर्चा बाकी है पाकिस्तान द्वारा कब्जे में ली गई भारतीय जमीन (PoK) को खाली कराना. भारत इस पर बात करने को तैयार है." यह बयान पाकिस्तान को यह संकेत देता है कि भारत अब किसी मध्यस्थता या समझौते से पीछे नहीं हटेगा, जब तक उसे ठोस परिणाम नहीं मिलते.

कश्मीर पर अब एक ही चर्चा बाकी है: विदेश मंत्री

सिंधु जल संधि क्या है और क्यों रोकी गई?

सिंधु जल संधि, विश्व बैंक की मध्यस्थता से 1960 में बनी थी. इसके तहत भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी पांच सहायक नदियों (सतलुज, ब्यास, रावी, झेलम और चिनाब) के जल का बंटवारा किया गया था. लेकिन 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद भारत ने 23 अप्रैल को एक के बाद एक सख्त कदम उठाए, जिनमें संधि को निलंबित करना, अटारी बॉर्डर पर चेक पोस्ट बंद करना और पाकिस्तान उच्चायोग में स्टाफ घटाना शामिल था.

पाकिस्तान की अपील और भारत का साफ जवाब

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने हाल ही में भारत से संधि बहाल करने की “अपील” की थी, यह कहते हुए कि करोड़ों लोग इस जल पर निर्भर हैं. लेकिन भारत ने साफ कह दिया कि "जो संधि सद्भावना में की गई थी, उसका आधार ही पाकिस्तान ने आतंकवाद से तोड़ दिया है."

भारत का मानना है कि अब पहले आतंकवाद पर रोक लगे, उसके बाद ही किसी संधि की बहाली संभव है.

"पानी और खून साथ नहीं बह सकते": प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ऑपरेशन सिंदूर के बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, "पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते." यह संदेश सिर्फ पाकिस्तान को नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को था कि भारत अब अपनी सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2025 05:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).