‘मिनी स्टीफन हॉकिंग’ कहे जाने वाले भारत के सबसे युवा पेटेंटधारक ह्रदयेश्वर सिंह भाटी ने दुनिया को कहा अलविदा

राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित, देश के सबसे युवा पेटेंट धारक ह्रदयेश्वर सिंह भाटी का बुधवार को यहां ह्रदय गति रुकने से निधन हो गया.

‘मिनी स्टीफन हॉकिंग’ कहे जाने वाले भारत के सबसे युवा पेटेंटधारक ह्रदयेश्वर सिंह भाटी ने दुनिया को कहा अलविदा
ह्रदयेश्वर सिंह भाटी (Photo Credits: Facebook)

जयपुर, 16 जून : राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित, देश के सबसे युवा पेटेंट धारक ह्रदयेश्वर सिंह भाटी (Hridayeshwar Singh Bhati) का बुधवार को यहां ह्रदय गति रुकने से निधन हो गया. जयपुर के रहने वाले 19 वर्षीय भाटी ने शतरंज के क्षेत्र में सात नयी खोज और तीन पेटेंट अपने नाम कर इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्डस और इंडिया रिकॉर्डस में नाम दर्ज करवाया था.

पारिवारिक सूत्रों ने बताया, ‘‘देर रात करीब एक बजे ह्रदयेश्वर को ह्रदयाघात हुआ और उनका निधन हो गया.’’ उल्लेखनीय है कि भाटी मांसपेशियों की लाइलाज बीमारी ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित थे जिसकी वजह से उनका जीवन व्हील चेयर पर सिमट गया था. यह भी पढ़ें :बीएसपी सुप्रीमो Mayawati ने सपा पर साधा निशाना, कहा- SP का चरित्र व चेहरा हमेशा ही दलित विरोधी

हृदयेश्वर सिंह भाटी ने सात आविष्कार के साथ तीन पेटेंट अपने नाम किए और कई पुरस्कार जीते. मात्र नौ साल की उम्र में गोलाकार शतरंज की खोज कर, पेटेंट हासिल करने वाले भाटी को ‘‘मिनी स्टीफन हॉकिंग’’ कहा जाता था. केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने हृदयेश्वर को बाल श्रेणी के अंतर्गत- उत्कृष्ट रचनात्मक बाल (पुरुष) -2019 सशक्त दिव्यांगता के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया था.


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