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भारत का कड़ा रुख! इस दिवाली Indian Army ने पाक रेंजर्स को नहीं दी मिठाई, BSF को केंद्र सरकार का सख्त निर्देश

भारतीय सेना ने इस दिवाली बॉर्डर पर पाकिस्तान रेंजर्स को मिठाई नहीं दी. केंद्र सरकार के निर्देश के बाद, सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने इस पारंपरिक प्रथा को बंद कर दिया.

भारत का कड़ा रुख! इस दिवाली Indian Army ने पाक रेंजर्स को नहीं दी मिठाई, BSF को केंद्र सरकार का सख्त निर्देश
Indian Army | File Image (Photo Credits: X/@MukeshBangra12)

India Pakistan Border News: भारतीय सेना (Indian Army) ने इस दिवाली बॉर्डर पर पाकिस्तान रेंजर्स (Pakistan Rangers) को मिठाई नहीं दी. केंद्र सरकार के निर्देश के बाद, सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने इस पारंपरिक प्रथा को बंद कर दिया. बताया जा रहा है कि गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने स्पष्ट आदेश दिया था कि इस साल भी पाकिस्तान के साथ मिठाई या शुभकामनाओं का आदान-प्रदान नहीं होगा. राजस्थान सीमा पर Sriganganagar, Bikaner, Jaisalmer और Barmer जैसे इलाकों में तैनात BSF के जवानों ने आदेश के अनुसार मिठाई बांटने की रस्म से परहेज किया.

दोनों देशों के सैनिक आमतौर पर Diwali, Eid, Independence Day और Republic Day पर सीमा पर मिठाइयों और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते हैं. हालांकि, इस बार सन्नाटा पसरा रहा.

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शुभकामनाओं और मिठाइयों का आदान-प्रदान क्यों नहीं हुआ?

दरअसल, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा किए गए आतंकवादी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जब तक सीमा पार आतंकवाद (Cross-Border Terrorism) जारी रहेगा, शांति के प्रतीक के रूप में मिठाइयों या शुभकामनाओं का आदान-प्रदान नहीं होगा.

पहले हर त्योहार पर जीरो पॉइंट पर मिलते थे दोनों देश के सैनिक

पहले, यह परंपरा हर साल त्योहारों के दौरान होती थी. भारतीय और पाकिस्तानी सैनिक जीरो पॉइंट (Zero Point) पर मिलते थे, मिठाइयों की थालियां बदलते थे और एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते थे. लेकिन इस बार, न तो हाथ मिलाया गया और न ही मिठाइयों का आदान-प्रदान हुआ.

जब तक आतंक सक्रीय रहेंगे, दोस्ती में मिठास नहीं होगी

अब सीमा पर केवल सतर्कता का माहौल है. अधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि भारत की सख्त नीति का हिस्सा है. अब, भारत का संदेश स्पष्ट है: "जब तक आतंक की भाषा बोली जाती रहेगी, दोस्ती में मिठास नहीं रहेगी."

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 21, 2025 04:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).