Indian Navy’s Commando Dies: ट्रेनिंग के दौरान इंडियन नेवी के मरीन कमांडो की गई जान, पैराशूट नहीं खुलने से हुआ हादसा
भारतीय नौसेना के विशेष बल के जवान ने बुधवार तड़के पश्चिम बंगाल के आसमान में असफल पैरा जंप के बाद अपनी जान गंवा दी. नेवी के इस जवान की फ्री फॉल ट्रेनिंग के दौरान चली गई. मिली जानकारी के मुताबिक, जवान इंडियन नेवी में मरीन कमाडों था.
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कोलकाता: भारतीय नौसेना (Indian Navy) के विशेष बल के जवान ने बुधवार तड़के पश्चिम बंगाल के आसमान में असफल पैरा जंप के बाद अपनी जान गंवा दी. नेवी के इस जवान की फ्री फॉल ट्रेनिंग के दौरान चली गई. मिली जानकारी के मुताबिक, जवान इंडियन नेवी में मरीन कमाडों था. आज बुधवार तड़के पश्चिम बंगाल में फ्री-फॉल ट्रेनिंग चल रही थी. इसी ट्रेनिंग के दौरान यह हादसा हुआ है. बताया जा रहा कि ट्रेनिंग के दौरान कमांडो का का पैराशूट नहीं खुला था, जिस कारण जवान की जान चली गई. कमांडो की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी चंदका गोविंद (Chandaka Govind) के रूप में हुई है. 6 साल में आर्मी के 18 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, 39 लोगों ने गंवाई जान.
नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और भारतीय नौसेना के सभी कर्मियों ने आज पश्चिम बंगाल के पानागढ़ में प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान जान गंवाने वाले पेटी ऑफिसर चंदक गोविंद को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की.
नौसेना ने व्यक्त की संवेदना
Navy Chief Admiral R Hari Kumar & all personnel of Indian Navy pay tribute to Chandaka Govind, Petty Officer who lost his life whilst undergoing training exercise at Panagarh, West Bengal today and extend heartfelt condolences to the bereaved family: Navy pic.twitter.com/W7iGfX1Qmx
— ANI (@ANI) April 5, 2023
गोविंद भूरे रंग के जंपसूट और हेलमेट में बुधवार सुबह पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले के बरजोरा में कारखाने के गेट के बाहर पाये गए. उनके कंधों पर अर्ध-खुला पैराशूट जुड़ा हुआ था. पुलिस उन्हें बरजोरा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ले गई जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने भी पुष्टि की है कि गोविंद- पश्चिम बंगाल के बर्दवान जिले के पानागढ़ में वायु सेना स्टेशन अर्जन सिंह में प्रशिक्षण प्राप्त पैराट्रूपर्स की टीम का हिस्सा- सी130जे सुपर हरक्यूलिस विमान से नियमित ड्रॉप के दौरान लापता हो गये थे.
घटना की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (सीओआई) का गठन किया गया है. प्रथम दृष्टया, ऐसा लगता है कि दुर्भाग्यपूर्ण सैनिक का मुख्य पैराशूट खुलने में विफल रहा. उल्लेखनीय है कि आधुनिक समय के पैराशूट बेहद अच्छे होते हैं और विशेष बलों के कर्मियों द्वारा 40 किमी तक की दूरी से अपने लक्ष्यों को निर्देशित किया जा सकता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 05, 2023 09:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

