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Skin Reactions: सिंगापुर में भारतीय दवा से गंभीर रिएक्शन, 6 मरीजों को जानलेवा त्वचा रोग, 9 लोग अस्पताल में भर्ती

सिंगापुर में देहरादून निर्मित अर्मोडाफिनिल टैबलेट के सेवन से 9 लोग गंभीर त्वचा रोगों से पीड़ित होकर अस्पताल में भर्ती हुए. इनमें से छह को स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम और तीन को टॉक्सिक एपिडर्मल नेक्रोलिसिस हुआ, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई. इस मामले में HAB Pharmaceuticals का नाम सामने आया है.

Skin Reactions: सिंगापुर में भारतीय दवा से गंभीर रिएक्शन, 6 मरीजों को जानलेवा त्वचा रोग, 9 लोग अस्पताल में भर्ती
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सिंगापुर में फरवरी 2024 से फरवरी 2025 के बीच कम से कम नौ लोगों को गंभीर त्वचा रोगों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह प्रतिक्रियाएं अर्मोडाफिनिल (Armodafinil) टैबलेट के सेवन से जुड़ी हैं, जो उत्तराखंड के देहरादून के सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में निर्मित की गई थी. सिंगापुर के हेल्थ साइंसेज अथॉरिटी (HSA) ने सोमवार को बताया कि यह दवा सिंगापुर में पंजीकृत नहीं है और इसे प्रभावित लोगों ने ज्यादातर गेलांग इलाके में सड़क विक्रेताओं या दोस्तों से खरीदा था. वे इसे सतर्कता और ऊर्जा बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे.

HSA ने इस दवा के दो वेरिएंट - आर्टविजिल-250 (Artvigil-250) और आर्टविजिल-150 (Artvigil-150) - की तस्वीरें जारी करते हुए इसके उपयोग के खिलाफ चेतावनी दी है. नियामक संस्था के अनुसार, यह दवा कुछ देशों में नार्कोलेप्सी (Narcolepsy) जैसी बीमारियों के इलाज के लिए दी जाती है, लेकिन सिंगापुर में इसे मान्यता प्राप्त नहीं है.

गंभीर त्वचा रोग और जीवन पर खतरा

HSA की रिपोर्ट के अनुसार, 18 से 57 वर्ष की उम्र के प्रभावित लोगों में दो महिलाएँ भी शामिल हैं. इनमें से छह मरीज स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम (Stevens-Johnson Syndrome - SJS) से पीड़ित पाए गए, जो त्वचा और श्लेष्म झिल्ली (mucous membranes) पर गंभीर छाले और पपड़ी उत्पन्न करने वाली एक गंभीर स्थिति है. इनमें से तीन मरीजों को टॉक्सिक एपिडर्मल नेक्रोलिसिस (Toxic Epidermal Necrolysis) हुआ, जो SJS का और भी गंभीर रूप है.

निर्माता कंपनी पर सवाल

HSA ने निर्माता कंपनी का नाम उजागर नहीं किया, लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के अनुसार, यह दवा HAB Pharmaceuticals and Research Limited द्वारा बनाई गई थी. यह कंपनी देहरादून के फार्मासिटी, स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (SIIDCUL) क्षेत्र में स्थित है. दवा की पट्टियों (strips) पर 2023 में निर्माण तिथि और 2025 की समाप्ति तिथि दर्ज थी.

जब TOI ने HAB Pharmaceuticals के मुंबई कार्यालय से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया, तो कोई जवाब नहीं मिला. कंपनी के देहरादून स्थित कारखाने से भी संपर्क नहीं हो सका.

प्रशासन की प्रतिक्रिया

देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने कहा कि प्रशासन सरकारी चैनलों के माध्यम से सभी विवरणों की समीक्षा करने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा, "जिला प्रशासन जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. हमने पहले ही संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में मामला दर्ज करने और आवश्यक गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए हैं."

भारतीय दवा उद्योग पर सवाल

यह मामला भारतीय दवा निर्यात से जुड़ी पुरानी विवादित घटनाओं की कड़ी में जुड़ता है. हाल के वर्षों में, उज्बेकिस्तान और गांबिया में 150 से अधिक बच्चों की मौत भारतीय निर्मित दूषित कफ सिरप के सेवन के बाद हुई थी. इस घटना ने भारतीय दवा उद्योग की गुणवत्ता और नियंत्रण को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ा दी थी.

अब सिंगापुर में हुई इस घटना के बाद, भारतीय दवा उद्योग की निगरानी और कड़े नियमों की आवश्यकता फिर से चर्चा में आ गई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 13, 2025 09:42 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).