भारत आतंकवादियों और उनके समर्थकों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेगा: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक बार फिर कहा कि भारत आतंकवाद और इसका समर्थन करने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है. उनका यह बयान पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया. हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे.

(Photo Twitter ANI)

नई दिल्ली, 3 मई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक बार फिर कहा कि भारत आतंकवाद और इसका समर्थन करने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है. उनका यह बयान पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया. हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे. अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ मैनुअल गोंकाल्वेस लौरेंको के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आतंकवाद के खिलाफ हम पूरी तरह एकजुट हैं. मैं पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति सहानुभूति जताने के लिए राष्ट्रपति लौरेंको और अंगोला के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं."

प्रधानमंत्री ने कहा, "हम आतंकवादियों और उनका समर्थन करने वालों के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंगोला के समर्थन के लिए उसे धन्यवाद देते हैं." आतंकियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल - पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में लोगों (ज्यादातर पर्यटक) पर गोलियां चला दी थीं. हमले में 26 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. प्रतिबंधित आतंकवादी समूह 'लश्कर-ए-तैयबा' से जुड़े 'टीआरएफ' ने इस हमले की जिम्मेदारी ली. यह भी पढ़ें : दिल्ली: मयूर विहार में एक व्यक्ति पर चाकू से हमला करने का आरोपी किशोर हिरासत में लिया गया

चार भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने पहलगाम में क्रूर हमला किया था. प्रतिबंधित आतंकवादी समूह 'लश्कर-ए-तैयबा' से जुड़े 'टीआरएफ' ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. हमलावरों में से दो पाकिस्तानी नागरिक होने की पुष्टि हुई है. 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत सरकार ने तुरंत 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समिति (सीसीएस) की बैठक बुलाई. इस नरसंहार के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए.

भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने की घोषणा की और अटारी सीमा को बंद करने का आदेश दिया. इसके साथ ही पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी वीजा रद्द कर दिए, पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों और एक्स हैंडलों पर व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी, उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या में और कटौती का आदेश देकर राजनयिक संबंधों को कमतर कर दिया, कई राजनयिकों को प्रभावी रूप से इस्लामाबाद वापस भेज दिया गया. सीसीएस बैठक के बाद एक सख्त संदेश में, प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की. उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ देश के आक्रामक रुख को रेखांकित करते हुए कहा, "हम हर आतंकवादी और उसके समर्थकों की पहचान करेंगे, उनका पता लगाएंगे और उन्हें दंडित करेंगे. हम उन्हें धरती के अंत तक खदेड़ेंगे."

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