'हमें दोष देना बंद करें, अपने गिरेबान में झांके', सिंधु जल संधि पर भारत ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब
संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में भारत ने सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया. भारत ने कहा कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद के ज़रिए संधि का उल्लंघन कर रहा है. भारत ने साफ कहा – पहले अपने गिरेबान में झांको, हमें दोष देना बंद करो.
नई दिल्ली: भारत ने एक बार फिर साफ शब्दों में पाकिस्तान को बता दिया है कि सिंधु जल संधि को लेकर झूठा प्रचार और आरोप अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ताजिकिस्तान के दुशांबे में आयोजित संयुक्त राष्ट्र के पहले ग्लेशियर सम्मेलन में भारत के पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने पाकिस्तान की शिकायतों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा – "हमें दोष देना बंद करें, पहले खुद झांकिए कि आप क्या कर रहे हैं."
पाकिस्तान ने फिर उछाला मुद्दा
दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को एक बयान में भारत पर सिंधु जल संधि को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा कि भारत ने संधि को "एकतरफा और अवैध तरीके से" स्थगित किया है और यह लाखों लोगों के जीवन को खतरे में डाल रहा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत "राजनीतिक लाभ" के लिए संधि का इस्तेमाल कर रहा है.
भारत का सख्त जवाब – आतंकवाद से खुद संधि तोड़ रहा पाकिस्तान
शहबाज शरीफ की इस टिप्पणी का जवाब देते हुए भारत ने मंच से दो टूक कहा कि पाकिस्तान खुद सीमा पार आतंकवाद फैलाकर इस संधि का उल्लंघन कर रहा है.
कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा – "हम पाकिस्तान द्वारा मंच का दुरुपयोग कर बार-बार झूठ फैलाने की कोशिश की निंदा करते हैं. संधि के बाद हालात बहुत बदल चुके हैं – चाहे वो तकनीक हो, जनसंख्या हो, जलवायु परिवर्तन हो या फिर सीमा पार आतंकवाद. ऐसे में संधि की शर्तों पर दोबारा विचार करना ज़रूरी हो गया है."
सद्भावना से बनी थी संधि, उसी का उल्लंघन कर रहा पाकिस्तान
भारत ने साफ कहा कि यह संधि आपसी भरोसे और दोस्ती की भावना से बनी थी, लेकिन पाकिस्तान लगातार इसका उल्लंघन कर रहा है. आतंकवाद फैलाकर वह खुद भारत को नुकसान पहुंचा रहा है और फिर भी आरोप भारत पर लगाता है, जो सरासर गलत है.
क्या है सिंधु जल संधि?
1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता से सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर हुए थे. इसके तहत भारत को व्यास, रावी और सतलुज नदियों पर अधिकार मिला, जबकि पाकिस्तान को झेलम, चेनाब और सिंधु नदियों का पानी मिला. इस संधि को अब तक सबसे सफल जल समझौतों में से एक माना जाता रहा है.
आरोपों की जगह जिम्मेदारी ले पाकिस्तान
भारत का सीधा और कड़ा संदेश है – "अब बहुत हो गया." पाकिस्तान को चाहिए कि वह बार-बार मंचों पर झूठे आरोप लगाने की बजाय खुद अपने गिरेबान में झांके. आतंकवाद के ज़रिए दोस्ती और भरोसे की इस संधि को तोड़ने का असली जिम्मेदार वही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 01, 2025 10:20 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

