India Monsoon Update 2026: केरल में देरी से दस्तक के बाद महाराष्ट्र और तेलंगाना की ओर बढ़ा दक्षिण-पश्चिम मानसून, आईएमडी ने जारी किया अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में देरी से दस्तक देने के बाद अब रफ्तार पकड़ ली है. मानसून अब महाराष्ट्र के दक्षिण कोंकण क्षेत्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है.
भारत में लंबे इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी गति पकड़ ली है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी नवीनतम अपडेट के अनुसार, मानसून केरल में दस्तक देने के बाद अब तेजी से आगे बढ़ते हुए महाराष्ट्र के दक्षिण कोंकण क्षेत्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर चुका है.
इस साल मानसून अपने सामान्य समय 1 जून से तीन दिन की देरी से 4 जून 2026 को केरल के तट पर पहुंचा था. मौसम विभाग ने अगले सात दिनों के दौरान तटीय कर्नाटक, केरल और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है.
महाराष्ट्र में मानसून का प्रवेश और आगे का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्र हरनाई और सोलापुर के रास्ते राज्य में प्रवेश कर लिया है, जिसके कारण दक्षिण कोंकण के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है.
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 3 से 4 दिनों में मानसून मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों, पूरे कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना के बचे हुए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं. मुंबई और इसके आसपास के तटीय इलाकों में अगले कुछ दिनों में मानसूनी हवाओं के सक्रिय होने की उम्मीद जताई गई है.
देश के अन्य हिस्सों में मौसम की स्थिति
दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय हरनाई, सोलापुर, कालबुर्गी और चेन्नई से होकर गुजर रही है. आईएमडी ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अलावा पूर्वोत्तर राज्यों जैसे नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, असम, मेघालय और त्रिपुरा में भी अगले कुछ दिनों तक व्यापक रूप से वर्षा होने का अनुमान लगाया है.
इसके विपरीत, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में जून के इस हफ्ते में भी सामान्य से अधिक तापमान बने रहने की आशंका है, हालांकि 11 और 12 जून को एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण कुछ हिस्सों में हल्की राहत मिल सकती है.
अल नीनो का साया और कम बारिश का अनुमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल के मानसून सीजन पर प्रशांत महासागर में तेजी से सक्रिय हो रहे 'अल नीनो' (El Niño) का प्रभाव देखा जा रहा है.
आईएमडी ने अपने संशोधित दीर्घकालिक पूर्वानुमान में कहा है कि जून से सितंबर के दौरान देश में कुल वर्षा लंबी अवधि के औसत (LPA) का 90 प्रतिशत रहने की संभावना है, जिसे 'सामान्य से कम' श्रेणी में रखा जाता है. मौसम एजेंसी ने इस साल मानसून के कमजोर रहने की 60 प्रतिशत आशंका जताई है, जिसके कारण देश के कृषि प्रधान क्षेत्रों में जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 09, 2026 11:43 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

