VIDEO: 'रात में 12 बजे के बाद घूमोगी तो...': Chennai में पुलिसवाले ने महिला को दी चेतावनी, हो गया भारी बवाल
Photo- @anaghakesav/X

Chennai Police Harassment Statement: चेन्नई से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने पुलिस की भूमिका और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां तिरुवनमियूर (Thiruvanmiyur Area) इलाके में एक महिला और पुलिसकर्मी के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल (Viral Video) हो रहा है. वीडियो में एक पुलिसकर्मी महिला से कहता सुनाई दे रहा है कि "हरासमेंट इसलिए होती हैं, क्योंकि तुम रात 12 बजे के बाद ऐसे घूमती रहती हो." दरअसल, महिला पिछले 20 सालों से अपने इलाके में आवारा कुत्तों को रात में खाना खिलाती आ रही है.

इसी दौरान देर रात दो पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और महिला को रोका. इनमें से एक पुलिसकर्मी कार्तिक (Chennai Cop Karthik) ने उसे चार दिन तक कुत्तों को खाना न खिलाने की सलाह दी.

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चेन्नई में पुलिसकर्मी का विवादित बयान

कैमरे में कैद हुआ पुलिस का विवादित बयान

कार्तिक का तर्क था कि ऐसा करने से कुत्ते (Stray Dogs) अपने आप आना बंद कर देंगे. इसी बात पर महिला और पुलिसकर्मी के बीच बहस शुरू हो गई. बहस बढ़ने पर दोनों एक-दूसरे का वीडियो बनाने लगे. इस दौरान पुलिसकर्मी कार्तिक का विवादित बयान कैमरे में रिकॉर्ड हो गया. वीडियो वायरल होते ही लोगों ने इसे "पीड़ित को दोषी ठहराना" करार दिया. कई लोगों ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी महिला की सुरक्षा करना है, न कि उसे देर रात बाहर जाने के लिए दोषी ठहराना.

जब इस पूरे मामले पर तिरुवनमियुर पुलिस (Thiruvanmiyur Police) से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि घटना की जांच की जा रही है. हालांकि, बाद में कार्तिक ने सफाई दी कि उन्होंने "अरेस्ट" शब्द का इस्तेमाल किया था, "हरासमेंट" का नहीं.

कार्रवाई ना होने पर लोगों ने जताई नाराजगी

उन्होंने कहा कि महिला को सिर्फ चेतावनी दी गई थी कि अगर वह देर रात तक बाहर रही तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता है. लेकिन वीडियो में "हरासमेंट (Women Harassment)" शब्द साफ सुनाई दे रहा है, जिससे उनकी सफाई पर सवाल उठ रहे हैं.

लोग इस बात से भी नाराज हैं कि कार्तिक के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. पुलिस ने मामला बंद कर दिया है, जिससे आलोचना और बढ़ गई है. महिला का कहना है कि वह सिर्फ कुत्तों को खाना खिला रही थी और इसमें कुछ भी गैरकानूनी नहीं था. ऐसे में पुलिस का इस तरह का व्यवहार न सिर्फ अनुचित है, बल्कि लोगों का भरोसा भी तोड़ता है.

सोशल मीडिया पर चेन्नई पुलिस पर उठे सवाल

सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि अगर पुलिस ही महिलाओं को रात में बाहर निकलने के लिए जिम्मेदार ठहराएगी, तो उनकी सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा. कई यूजर्स ने कहा कि पुलिस की सोच में बदलाव जरूरी है.