मैंने लाओ पीडीआर के पीएम से भारतीय नागरिकों की तस्करी का मुद्दा उठाया: एस जयशंकर
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारतीय नागरिकों की तस्करी से जुड़ा मामला लाओ पीडीआर के पीएम सोनेक्से सिफाडोन के समक्ष उठाया. जयशंकर ने बाद में बैठक की जानकारी एक्स पोस्ट पर दी.
नई दिल्ली, 27 जुलाई : भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारतीय नागरिकों की तस्करी से जुड़ा मामला लाओ पीडीआर के पीएम सोनेक्से सिफाडोन के समक्ष उठाया. जयशंकर ने बाद में बैठक की जानकारी एक्स पोस्ट पर दी.
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ट्वीट किया, "लाओ पीडीआर के प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान मैंने साइबर स्कैम सेंटरों के माध्यम से भारतीय नागरिकों की तस्करी का मुद्दा उठाया. अपने नागरिकों के बचाव और राहत में लाओ पीडीआर सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग की सराहना करता हूं. कंबोडिया और थाईलैंड के विदेश मंत्रियों के साथ भी इस मामले पर चर्चा की." यह भी पढ़ें : NITI Aayog Meeting: नीति आयोग की बैठक का सीएम एमके स्टालिन ने किया बहिष्कार, वीडियो संदेश जारी कर बताई वजह
एस जयशंकर की अपने चीनी समकक्ष से मुलाकात भी चर्चा में है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से भारत-चीन संबंधों में आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता के महत्व पर देने को कहा था.
विदेश मंत्री जयशंकर ने वांग यी के साथ बैठक के बाद एक्स पर पोस्ट किया, "हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों के बारे में चल रही चर्चाओं को जारी रखा. सीमा पर स्थिति का असर हमारे संबंधों की स्थिति पर अनिवार्य रूप से दिखेगा. सेनाओं के बीच टकराव रोकने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए मजबूत मार्गदर्शन की आवश्यकता पर सहमति बनी."
वांग यी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य भी हैं. विदेश मंत्रालय ने बाद में एक बयान में कहा कि दोनों मंत्रियों ने जुलाई में अस्ताना की उनकी पिछली बैठक के बाद से स्थिति की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें उनकी बातचीत द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने और पुनर्निर्माण करने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शेष मुद्दों का "शीघ्र समाधान खोजने" पर केंद्रित थी.
बता दें, विदेश मंत्री तीन दिवसीय यात्रा पर लाओस गए हैं. वो यहां आसियान देशों द्वारा आयोजित विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे. ये दौरा ऐसे समय में है, जब सरकार एक्ट ईस्ट नीति को दस साल पूरे हो रहे हैं.
लाओस की राजधानी वियनतियाने पहुंचने के बाद एस जयशंकर ने कहा था कि वो दक्षिण पूर्वी राष्ट्रों के संगठन के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए उत्सुक हैं. विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि भारत के विदेश मंत्री को लाओस के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सेलुमक्से कोमासिथ ने आसियान-भारत, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन और आसियान क्षेत्रीय मंच के प्रारूप में आसियान ढांचे के तहत विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 27, 2024 10:55 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

