Hyderabad: गांजे वाली चॉकलेट देकर नाबालिग से दरिंदगी; हैदराबाद में 8 आरोपी गिरफ्तार, होटल प्रबंधन पर भी गिरेगी गाज

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के मलकाजगिरि पुलिस कमिश्नरेट अंतर्गत अलवाल क्षेत्र में 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ नशे की हालत में यौन शोषण और दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पोक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जांच में खुलासा हुआ कि परिचित आरोपियों ने पीड़िता को गांजा व नशीले पदार्थ मिली चॉकलेट देकर तथा सिगरेट व शराब की लत लगाकर लंबे समय तक अलग-अलग स्थानों पर शोषण का शिकार बनाया.

हैदराबाद: तेलंगाना के हैदराबाद में एक नाबालिग छात्रा के साथ नशीले पदार्थों का झांसा देकर यौन उत्पीड़न किए जाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पीड़िता की शिकायत के बाद मलकाजगिरि कमिश्नरेट के अंतर्गत अलवाल थाना पुलिस ने रविवार, 13 सितंबर को पोक्सो (POCSO) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी.

ThePrint की रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी पीड़िता के पूर्व परिचित थे. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर और गांजा व शामक दवाइयों से युक्त चॉकलेट खिलाकर अलग-अलग समय पर उसका गंभीर यौन शोषण किया. यह भी पढ़ें: Mumbai Rape Case: तकनीकी जांच से मिले सुराग के बाद मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, रेप के मामलों में 30 साल से फरार दो आरोपी गिरफ्तार

गांजे वाली चॉकलेट और नशीले पदार्थों का जाल

पुलिस द्वारा दर्ज विवरण के अनुसार, 11वीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा 10वीं कक्षा के दौरान इनमें से एक मुख्य आरोपी (जेरी वरुण) के संपर्क में आई थी:

होटल और चलती ट्रेन में भी हुई दरिंदगी

जांच में सामने आया कि हाल ही में पारिवारिक पूछताछ से नाराज होकर जब पीड़िता घर से निकली, तो आरोपियों के एक गिरोह ने बोलारम रेलवे स्टेशन के पास उसे फिर अपनी गिरफ्त में ले लिया:

होटल प्रबंधन और कर्मचारियों पर भी होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल प्रत्यक्ष आरोपियों पर ही नहीं, बल्कि लापरवाही बरतने वाले होटल प्रबंधन पर भी शिकंजा कसा जाएगा:

3 अन्य संदिग्धों की तलाश जारी

पुलिस ने अब तक आठ मुख्य आरोपियों को हिरासत में लेकर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है.  मामले में शामिल तीन अन्य संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. पीड़िता की मेडिकल जांच पूरी कर ली गई है और उसे आवश्यक बाल संरक्षण परामर्श (Counselling) और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.

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