देश

महू में हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश: पूर्व सैनिक को जाल में फंसाकर मांगे 2 लाख रुपये, महिला सहित तीन गिरफ्तार

इंदौर के महू में पुलिस ने एक संगठित हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ किया है. इस गिरोह ने डिफेंस सिक्योरिटी कार्प्स के एक पूर्व सैनिक को अपना शिकार बनाकर 2 लाख रुपये की मांग की थी. पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

महू में हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश: पूर्व सैनिक को जाल में फंसाकर मांगे 2 लाख रुपये, महिला सहित तीन गिरफ्तार
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

महू (इंदौर): मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के महू शहर (Mhow City) में पुलिस ने हनीट्रैप (Honeytrap) के जरिए लोगों को ब्लैकमेल करने वाले एक शातिर संगठित गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है. यह गिरोह सोशल मीडिया (Social Media) और डेटिंग ऐप्स (Dating Apps) के जरिए लोगों से दोस्ती करता था और फिर उन्हें सुनसान जगहों पर बुलाकर आपत्तिजनक स्थिति में फंसा देता था. ताजा मामले में गिरोह ने एक पूर्व सैनिक को अपना निशाना बनाया, जिसके बाद बड़गोंदा पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मुख्य महिला आरोपी समेत तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है. यह भी पढ़ें: Kanpur Sex Racket: सेक्स रैकेट चलाने और महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर शोषित करने का आरोप, कानपुर पुलिस ने पत्रकार रोहित वर्मा को किया गिरफ्तार; VIDEO

पूर्व सैनिक को ऐसे बनाया शिकार

पुलिस के अनुसार, डिफेंस सिक्योरिटी कार्प्स (DSC) में कार्यरत सैनिक दीपक हाल ही में महू आए थे. इसी दौरान आरोपी भावना (25) ने उनसे संपर्क किया और पुरानी जान-पहचान का हवाला देकर मेल-जोल बढ़ाया. बातचीत के तीन-चार दिनों बाद भावना ने दीपक को बहला-फुसलाकर मिलने के लिए बुलाया.

दीपक ने महू के केलोद गांव स्थित एक फार्म हाउस में कमरा बुक किया, जहां भावना शाम को पहुंची. कुछ ही देर में उसके साथी साधना (37) और बिजय (29) वहां पहुंच गए. उन्होंने खुद को भावना का भाई-बहन बताते हुए पूर्व सैनिक पर गलत काम करने का आरोप लगाया और मामला रफा-दफा करने के एवज में 2 लाख रुपये की मांग की.

पुलिस की कार्रवाई और गिरोह का तरीका

धमकी और ब्लैकमेलिंग की सूचना मिलते ही बड़गोंदा थाना प्रभारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की. आरोपियों के मोबाइल फोन खंगाले गए और साक्ष्यों के आधार पर तीनों को हिरासत में ले लिया गया.

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था. गिरोह में एक वकील भी शामिल है, जो मामला थाने तक पहुंचने पर पीड़ितों को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलने में मदद करता था.

इंदौर के व्यापारियों को भी ठगा

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने पूर्व सैनिक को फंसाने से महज तीन घंटे पहले इंदौर के स्कीम नंबर 78 में एक व्यापारी को इसी तरह जाल में फंसाकर 28 हजार रुपये ऐंठे थे. इससे पहले भी विजय नगर क्षेत्र में एक अन्य व्यापारी को देवास नाका स्थित कमरे पर बुलाकर ठगी की गई थी. इन वारदातों में साधना और बिजय अक्सर खुद को 'मकान मालिक' बताकर मौके पर पहुंचते थे और पीड़ित को धमकाते थे.

अदालत ने भेजा जेल

थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले ने बताया कि आरोपियों के फोन की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और शिकार बने अन्य लोगों की पहचान की जा सके. तीनों आरोपियों को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब गिरोह के फरार सदस्यों और उनके मददगारों की तलाश कर रही है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 07, 2026 02:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).