Valentine’s Day 2025: वैलेंटाइन डे पर पार्कों में लाठी-डंडों के साथ प्रेमी जोड़ों से पूछताछ, कपल्स को हिंदू संगठनों ने दी चेतावनी
वैलेंटाइन डे से पहले हिंदू संगठनों ने पार्कों में पहरा बिठाया, प्रेमी जोड़ों से पूछताछ की और आधार कार्ड तक चेक किए. संगठन ने पुलवामा हमले का हवाला देते हुए इस दिन को शहीदों की याद में मनाने की अपील की. यह घटना संस्कृति रक्षा बनाम व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बहस को फिर से हवा दे रही है.
Valentine’s Day Controversy: वैलेंटाइन डे नजदीक आते ही हिंदू संगठन एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं. गाजियाबाद के स्वर्ण जयंती पार्क में हिंदू जागृति मंच के कार्यकर्ता पहुंचे और वहां आए जोड़ों से पूछताछ करने लगे. संगठन के सदस्यों ने विशेष रूप से उन जोड़ों से सवाल-जवाब किए जो स्कूल या कॉलेज के बहाने पार्क में बैठे थे. इतना ही नहीं, ये लोग पार्क में आए युवाओं से उनके आधार कार्ड भी चेक कर रहे हैं.
पुलवामा हमले का दिया हवाला
हिंदू जागृति मंच से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि 14 फरवरी को पुलवामा हमला हुआ था, जिसमें देश के जवान शहीद हुए थे. ऐसे में इस दिन को शहीदों की याद में एक दिया जलाकर मनाया जाना चाहिए, न कि प्रेम दिवस के रूप में.
विशेष समुदाय को लेकर लगाए आरोप
संगठन से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि विशेष समुदाय के युवक हिंदू लड़कियों को बहला-फुसलाकर पार्कों में लाते हैं. इस वजह से वे सतर्कता बरत रहे हैं और युवाओं से पूछताछ कर रहे हैं.
लाठी-डंडों के साथ पहुंचे कार्यकर्ता
रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंदू जागृति मंच के लोग लाठी-डंडों के साथ पार्कों में पहुंचे और वहां मौजूद युवाओं से सवाल-जवाब करने लगे. हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
वैलेंटाइन डे बनाम संस्कृति की रक्षा
वैलेंटाइन डे को लेकर हर साल इस तरह के विरोध देखने को मिलते हैं. एक ओर जहां युवा इस दिन को प्रेम और उत्सव के रूप में मनाते हैं, वहीं कुछ संगठन इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताते हैं और इस पर रोक लगाने की मांग करते हैं.
प्रशासन की भूमिका और संभावित विवाद
पार्कों में इस तरह की गतिविधियों से डर और अशांति का माहौल बन सकता है. वैलेंटाइन डे के विरोध में हिंदू संगठनों की यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है. जहां एक ओर यह संगठनों की विचारधारा को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर युवा इसे अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता में दखल मानते हैं. अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और आने वाले दिनों में स्थिति कैसी रहती है.