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Himanshu Roy Suicide: 'सुपरकॉप' जिससे थर्राता था अंडरवर्ल्ड, जानिए 10 खास बातें

1988 बैच के आईपीएस (IPS) अधिकारी रहे हिमांशु रॉय मुंबई एटीएस के चीफ भी रहे हैं. उन्होंने मुंबई के प्रख्यात कॉलेज सेंट जेवियर कॉलेज से पढ़ाई की थी.

Himanshu Roy Suicide: 'सुपरकॉप' जिससे थर्राता था अंडरवर्ल्ड, जानिए 10 खास बातें
(Photo Credit: File Photo)

मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व एटीएस प्रमुख हिमांशु रॉय ने शुक्रवार (11 मई) को खुदकुशी कर ली है. बताया जा रहा है उन्होंने अपने घर में खुद को गोली मार ली है. वह काफी समय से बीमार चल रहे थे. मलबार हिल स्थित घर में उन्‍होंने अपने सरकारी आवास में मुंह में रिवॉल्‍वर रखकर गोली चला ली. जिसके बाद आनन-फानन में घर के लोग हिमांशु को नजदीकी बॉम्बे अस्पताल में लेकर गए जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हिमांशु रॉय ना सिर्फ कई बड़े पदों की जिम्मेदारियां निभाई बल्कि कई बड़े क्रिमिनल केसों को भी सुलझाया.  26/11 की आतंकी वारदात के बाद भी पाकिस्‍तान में आतंकियों की ट्रेनिंग का खुलासा भी रॉय ने ही किया था.

बॉम्‍बे हॉस्पिटल से मिली जानकारी के अनुसार हिमांशु रॉय बोनमैरो कैंसर (Bone Marrow Cancer) से पीड़ित थे और उनकी कीमोथैरेपी चल रही थी. जानकारी के अनुसार लंबी बीमारी की वजह से वह काफी डिप्रेशन में थे. इसी के चलते संभावना जताई जा रही है कि इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया. साथ ही रॉय 2016 के बाद से अपने ऑफिस भी नहीं जा रहे थे.

#जानिए हिमांशु रॉय के बारे में 10 खास बातें-

1-1988 बैच के आईपीएस (IPS) अधिकारी रहे हिमांशु रॉय मुंबई एटीएस के चीफ भी रहे हैं. उन्होंने मुंबई के प्रख्यात कॉलेज सेंट जेवियर कॉलेज से पढ़ाई की थी.

2- हिमांशु रॉय को कड़े एक्शन लेने के लिए जाना जाता था. प्रदेश के कई बड़े क्रिमिनल केस की गुत्थी सुलझाने में हिमांशु ने बड़ा काम किया था.

3- उनका नाम सबसे पहले सुर्खियों में उस वक्त आया था, जब 2013 में इंडियन प्रीमियर लीग मैच के दौरान स्पॉट फिक्सिंग के मामले में उन्होंने बिग बॉस फेम विंदु दारा सिंह को गिरफ्तार किया था.

4- कहा जाता है कि भारत में दाऊद की अब तक जितनी भी संपत्तियां जब्त हुई हैं उसके पीछे भी हिमांशु रॉय का ही हाथ था.

5- हिमांशु का नाम अंडरवर्ल्ड की कवरेज करने वाले चर्चित पत्रकार जेडे की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए भी जाना था.

6- हिमांशु रॉय मुंबई पुलिस के पहले अधिकारी थे, जिन्हें प्रशासन की ओर से जेड+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी.

7- रॉय ने विजय पलांडे और लैला खान जैसे दोहरे हत्‍याकांड और पल्लवी पुर्खायस्ता हत्‍याकांड की भी जांच की थी.

8- वह 1995 में नासिक (ग्रामीण) में बतौर पुलिस अधीक्षक नियुक्त किए गए थे. इसके बाद वे अहमदनगर पुलिस निरीक्षक के रूप में कार्यरत हुए. बाद में उन्हें  नासिक के पुलिस उपायुक्त पद का कार्यभार सौंपा गया था.

9- 2009 में हिमांशु को मुंबई में बतौर संयुक्त पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया था.

10- ATS प्रमुख रहते हुए हिमांशु रॉय ने पहली बार साइबर क्राइम सेल स्थापित किया था.

हिमांशु रॉय के पार्थिव शरीर को GT अस्‍पताल लाया गया है. यहां उनका पोस्‍टमॉर्टम किया जा सकता है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2018 04:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).