क्या आपके पुराने PF खाते में बंद हो गया है ब्याज? EPFO ने स्पष्ट किए 'इनऑपरेटिव अकाउंट' के नियम, जानें 36 महीने का फॉर्मूला
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने इनऑपरेटिव (निष्क्रिय) ईपीएफ खातों और उन पर मिलने वाले ब्याज को लेकर अहम स्पष्टीकरण जारी किया है. ईपीएफओ के अनुसार, केवल नौकरी छोड़ने या बदलने मात्र से पीएफ खाता इनऑपरेटिव नहीं होता और न ही तुरंत ब्याज मिलना बंद होता है.
EPFO Inoperative Account Rules: नौकरी बदलने या काम छोड़ने के बाद अक्सर कर्मचारियों के मन में यह आशंका रहती है कि उनके पुराने प्रोविडेंट फंड (PF) खाते पर ब्याज मिलना बंद हो गया होगा. इस भ्रम को दूर करते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सोशल मीडिया और अपनी आधिकारिक एडवाइजरी के माध्यम से स्पष्ट किया है कि कोई भी ईपीएफ खाता केवल अंशदान (Contribution) रुकने से तुरंत इनऑपरेटिव नहीं होता है.
ईपीएफओ के नियमों के तहत 'इनऑपरेटिव अकाउंट' की एक निश्चित समय-सीमा तय है, जिसके तहत पात्र परिस्थितियों में रिटायरमेंट के बाद भी खाताधारकों को ब्याज मिलता रहता है. यह भी पढ़ें: EPFO Higher Pension: हायर पेंशन आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें? जानें पूरा प्रोसेस
कब 'इनऑपरेटिव' होता है पीएफ खाता और कब रुकता है ब्याज?
ईपीएफ योजना (EPF Scheme 1952) के नियमों के अनुसार, जब कोई सदस्य 55 वर्ष या उससे अधिक की आयु पूरी करने के बाद सेवामुक्त (रिटायर) होता है और लगातार 36 महीने (3 साल) तक निकासी का दावा नहीं करता, तब उस खाते को आधिकारिक रूप से 'इनऑपरेटिव' माना जाता है.
खाता इनऑपरेटिव घोषित होने की तिथि से उस पर ब्याज जमा होना बंद हो जाता है.
उम्र के हिसाब से समझें: किस स्थिति में कब तक मिलेगा ब्याज?
विभिन्न परिस्थितियों में ईपीएफ खाते के इनऑपरेटिव होने और ब्याज मिलने की समय-सीमा इस प्रकार तय होती है:
- 50 वर्ष की आयु में रिटायरमेंट (Early Retirement): यदि कोई कर्मचारी 55 वर्ष से पहले (जैसे 50 साल की उम्र में) नौकरी छोड़ता है, तो उसका खाता तुरंत निष्क्रिय नहीं होता. उस खाते पर कर्मचारी के 58 वर्ष की आयु पूरी करने तक ब्याज मिलता रहेगा. 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर ही खाता इनऑपरेटिव होगा.
- 55 वर्ष की आयु में रिटायरमेंट: यदि कर्मचारी 55 वर्ष की आयु में रिटायर होता है, तो 36 महीने (3 साल) बाद यानी 58 वर्ष की आयु में खाता इनऑपरेटिव होगा और तब तक ब्याज मिलेगा.
- 58 वर्ष की आयु में रिटायरमेंट: सामान्य रिटायरमेंट (58 वर्ष) की स्थिति में अगले 3 साल यानी 61 वर्ष की आयु तक ब्याज मिलेगा, जिसके बाद खाता इनऑपरेटिव घोषित होगा.
- 70 वर्ष की आयु में कार्यमुक्ति: यदि कोई सदस्य 70 वर्ष की आयु तक कार्य करता है और फिर रिटायर होता है, तो उसका खाता 73 वर्ष की आयु में इनऑपरेटिव बनेगा.
पुराने पीएफ बैलेंस को निष्क्रिय होने से कैसे बचाएं?
ईपीएफओ ने खाताधारकों को सलाह दी है कि वे अपने पुराने खातों को नजरअंदाज न करें और निम्नलिखित कदम उठाएं:
- नौकरी बदलने पर ट्रांसफर: जब भी नई कंपनी में जाएं, अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) का उपयोग करके पुराने पीएफ बैलेंस को नए खाते में ट्रांसफर करें.
- केवाईसी अपडेट रखें: अपने खाते में बैंक विवरण और आवश्यक पहचान दस्तावेज हमेशा अपडेट रखें ताकि क्लेम में रुकावट न आए.
- समय पर निकासी: यदि आप स्थायी रूप से काम छोड़ रहे हैं या रिटायर हो चुके हैं, तो 36 महीने की अवधि समाप्त होने से पहले EPFO Member Portal पर ऑनलाइन क्लेम (Form 19 / 10C) फाइल कर पूरी राशि निकाल लें.
यदि कोई खाता 7 वर्षों से अधिक समय तक लावारिस (Unclaimed) रहता है, तो नियमों के तहत यह राशि 'सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर फंड' (SCWF) में स्थानांतरित कर दी जाती है, जिसे बाद में आवश्यक प्रमाण देकर ही क्लेम किया जा सकता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 21, 2026 01:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

